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H-1B और H-4 वीजा अपॉइंटमेंट रद्द अमेरिका में नया सोशल मीडिया रिव्यू शुरू!

H-1B visa cancellation
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H-1B और H-4 वीजा अपॉइंटमेंट रद्द अमेरिका में नया सोशल मीडिया रिव्यू शुरू!

H-1B और H-4 वीजा क्या हैं? भारतीय अप्लायर्स के लिए महत्व

H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी प्रोफेशनल्स (जैसे IT इंजीनियर्स) हायर करने की अनुमति देता है, जो स्पेशलाइज्ड ऑक्यूपेशन में काम करते हैं। 2025 में 85,000 H-1B वीजा जारी हुए, जिनमें से 70% भारतीयों को। H-4 वीजा H-1B होल्डर्स के पति/पत्नी और 21 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए है। 2025 में H-4 EAD (वर्क परमिशन) वैलिडिटी को 5 साल से घटाकर 18 महीने कर दिया गया।

H-1B visa cancellation
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भारतीय अप्लायर्स के लिए ये वीजा नौकरी, फैमिली रीयूनियन और ग्रीन कार्ड का रास्ता हैं। लेकिन नई पॉलिसी से प्रोसेसिंग टाइम बढ़ रहा है, जो होलीडे ट्रैवल प्लान्स बिगाड़ रहा है।

नया सोशल मीडिया रिव्यू: 15 दिसंबर 2025 से क्या बदलाव?

3 दिसंबर 2025 को US स्टेट डिपार्टमेंट ने घोषणा की कि 15 दिसंबर 2025 से सभी H-1B और H-4 अप्लायर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स की स्कैनिंग अनिवार्य होगी। अप्लायर्स को फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, लिंक्डइन आदि सभी अकाउंट्स को “पब्लिक” मोड में सेट करना होगा। यह पॉलिसी पहले F, M, J स्टूडेंट वीजा पर लागू थी (जून 2025 से)।

रिव्यू का उद्देश्य: नेशनल सिक्योरिटी रिस्क चेक – जैसे एंटी-अमेरिकन पोस्ट्स, क्रिमिनल एक्टिविटी या इनकंसिस्टेंसी (जॉब डिटेल्स में गड़बड़ी)। अगर कोई नेगेटिव कंटेंट मिला, तो वीजा रिजेक्ट हो सकता है, यहां तक कि § 214(b) के तहत (इमिग्रेंट इंटेंट का शक)। स्टेट डिपार्टमेंट कहता है, “वीजा एक प्रिविलेज है, राइट नहीं।”

अपॉइंटमेंट कैंसलेशन का कारण: कंसुलेट्स की कम क्षमता

नई रिव्यू प्रोसेस से कंसुलेट्स अब कम अप्लायर्स इंटरव्यू करेंगे। बायोमेट्रिक्स अपॉइंटमेंट्स जारी रहेंगे, लेकिन वीजा इंटरव्यू मार्च 2026 तक टल जाएंगे। भारत में हैदराबाद, चेन्नई कंसुलेट्स सबसे प्रभावित।

प्रभावित कंसुलेटकैंसल स्लॉट्सनया डेट
हैदराबादमिड-दिसंबरमार्च 2026
चेन्नईलेट-दिसंबरफरवरी-मार्च 2026
मुंबईकुछ स्लॉट्सजनवरी 2026

इमिग्रेशन फर्म्स जैसे Fragomen और Murthy Law ने अलर्ट जारी किए: “ट्रैवल प्लान्स रिवाइज करें।” पहले भी मई 2025 में F/J वीजा इंटरव्यू पॉज हुए थे।

भारतीय अप्लायर्स पर असर: डिले, रिजेक्शन रिस्क और सलाह

भारतीय IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित – TCS, Infosys जैसे कंपनियों के हजारों एम्प्लॉयी वेटिंग में। डिले से जॉब लॉस, फैमिली सेपरेशन का खतरा। सोशल मीडिया पोस्ट्स (जैसे पॉलिटिकल ओपिनियन) से रिजेक्शन बढ़ सकता है।

सलाह:

  1. सोशल मीडिया क्लीनअप: पुराने पोस्ट्स डिलीट करें, प्राइवेसी सेटिंग्स चेक करें।
  2. डॉक्यूमेंट्स रेडी: जॉब लेटर, सैलरी प्रूफ मजबूत रखें।
  3. ट्रैवल अवॉइड: नॉन-यूर्जेंट ट्रिप कैंसल करें।
  4. लीगल हेल्प: इमिग्रेशन अटॉर्नी से कंसल्ट करें।
  5. अपडेट्स चेक: USCIS/DoS वेबसाइट फॉलो करें।

2025 में H-1B मॉडर्नाइजेशन रूल्स (स्पेशलाइज्ड जॉब्स पर फोकस) और $100,000 फीस से पहले ही चुनौतियां बढ़ी हैं।

यह पॉलिसी ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की “अमेरिका फर्स्ट” पॉलिसी का विस्तार है। 2026 में और सख्ती संभव, लेकिन कोर्ट चैलेंजेस भी आ सकते हैं। अप्लायर्स को धैर्य रखना होगा – प्रोसेसिंग टाइम 6-12 महीने बढ़ सकता है।