जब दुकानदार किसी सामान की कीमत कम कर देता है, तो उसे Discount (छूट) कहते हैं।

Discount दो प्रकार का होता है:

1. Trade Discount (व्यापारिक छूट)

याद रखें:
👉 सामान बेचते समय दी जाने वाली छूट = Trade Discount

उदाहरण:
मोबाइल की कीमत = ₹20,000

दुकानदार ने 10% Trade Discount दिया।

10% of ₹20,000 = ₹2,000

अब ग्राहक को ₹20,000 नहीं, बल्कि ₹18,000 देने होंगे।

महत्वपूर्ण:

  • यह छूट बिल बनाते समय दी जाती है।
  • इसे अकाउंट बुक में नहीं लिखते।

2. Cash Discount (नकद छूट)

याद रखें:
👉 जल्दी भुगतान करने पर दी जाने वाली छूट = Cash Discount

उदाहरण:
राम ने ₹10,000 का सामान उधार खरीदा।

दुकानदार बोला:
“यदि 10 दिन के अंदर पैसे दे दोगे, तो ₹200 की छूट मिलेगी।”

राम ने समय पर पैसे दे दिए।

अब राम को ₹10,000 नहीं, बल्कि ₹9,800 देने होंगे।

महत्वपूर्ण:

  • यह छूट भुगतान के समय दी जाती है।
  • इसे अकाउंट बुक में लिखते हैं।

आसान ट्रिक

Trade Discount

सामान खरीदते समय छूट”

Cash Discount

पैसे देते समय छूट”

एक लाइन में परीक्षा का उत्तर

प्रश्न: Discount कितने प्रकार का होता है?

उत्तर: Discount दो प्रकार का होता है—

  1. Trade Discount (व्यापारिक छूट)
  2. Cash Discount (नकद छूट)

Example 2

आप कपड़े की दुकान पर गए।

  • शर्ट की कीमत ₹1000 है।
  • दुकानदार ने तुरंत ₹100 कम कर दिए → Trade Discount
  • अब बिल ₹900 का बना।

दुकानदार बोला: “अभी UPI कर दो, ₹20 और कम कर दूँगा।”

  • ₹20 की यह अतिरिक्त छूट → Cash Discount

इस प्रकार एक ही खरीद में दोनों प्रकार की छूट मिल सकती हैं। 👍