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ममता बनर्जी TMC विवाद भारी टूट नगर पालिकाओं में 100 से ज्यादा इस्तीफे अभिषेक बनर्जी के मॉडल पर सवाल!

ममता बनर्जी TMC विवाद
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ममता बनर्जी TMC विवाद भारी टूट नगर पालिकाओं में 100 से ज्यादा इस्तीफे अभिषेक बनर्जी के मॉडल पर सवाल!

ममता बनर्जी TMC विवाद पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद अब पार्टी नगर पालिका स्तर पर भी टूट रही है। 100 से ज्यादा पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कई पार्षद खुलकर अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर मॉडल की आलोचना कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की कई नगर पालिकाओं में सामूहिक इस्तीफों का सिलसिला जारी है:

ममता बनर्जी TMC विवाद
ममता बनर्जी TMC विवाद TMC में भारी टूट, इस्तीफों से बढ़ा ममता बनर्जी का संकट

TMC में कहां-कहां हो रहे इस्तीफे?

  • भाटपारा: 35 में से 30 पार्षद इस्तीफा
  • उत्तर बैरकपुर: 23 में से 15 पार्षद (चेयरमैन सहित)
  • गरुलिया: 21 में से 18 पार्षद
  • हलीशहर: 23 में से 16 पार्षद
  • कांचरापाड़ा: 24 में से 14 पार्षद
  • कांथी: 17 में से 12 पार्षद
  • डायमंड हार्बर: 16 में से 8 बोर्ड सदस्य इस्तीफा

ये आंकड़े पार्टी के अंदरूनी असंतोष को साफ दिखाते हैं।

ममता बनर्जी TMC विवाद डायमंड हार्बर मॉडल पर क्यों भड़के पार्षद?

अभिषेक बनर्जी अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर के विकास मॉडल को अक्सर उदाहरण देते थे। लेकिन अब TMC के पार्षद इसे लेकर खुलकर नाराजगी जता रहे हैं।

वार्ड नंबर 7 से इस्तीफा देने वाले तमल हालदार ने कहा, “प्रशासन पर पुलिस का जरूरत से ज्यादा कब्जा था। पुलिस ऊपर से मिले आदेशों के मुताबिक काम करती थी। हमने लीडरशिप को कई बार बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

डायमंड हार्बर नगर पालिका के चेयरमैन प्रणब दास ने भी चिंता जताते हुए कहा कि बोर्ड कभी भी टूट सकता है।

TMC में बढ़ता असंतोष

पार्षदों का आरोप है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर पुलिस परेशान करती थी। कई इलाकों में पुलिस को ही नगरपालिका चलाने का आरोप लगाया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में हार के बाद यह पहला मौका है जब TMC के स्थानीय स्तर के नेता खुलकर पार्टी की आलोचना कर रहे हैं।

कुछ सूत्रों के अनुसार, कई सांसद भी पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशासक की नियुक्ति की संभावना

  • पश्चिम बंगाल नगरपालिका अधिनियम 1993 के अनुसार, अगर दो-तिहाई से ज्यादा
  • पार्षद इस्तीफा दे दें तो सरकार बोर्ड भंग कर सकती है। ऐसी स्थिति में चुनाव तक प्रशासक
  • नियुक्त किया जा सकता है। कई नगर पालिकाओं में यह स्थिति बनती नजर आ रही है।

ममता बनर्जी पर क्या असर?

ममता बनर्जी के लिए यह बड़ी चुनौती है। लोकसभा चुनाव हार के बाद पार्टी में बगावत के स्वर तेज हो गए हैं। पहले शुभेंदु अधिकारी जैसे बड़े नेता अलग हो चुके हैं, अब स्थानीय स्तर पर टूट बढ़ रही है।

TMC नेतृत्व अभी तक इन इस्तीफों पर चुप्पी साधे हुए है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ नाराजगी सामान्य है, लेकिन इसे नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।

आगे क्या होगा?

  • TMC में बड़े स्तर पर नाराजगी दूर करने की कवायद शुरू
  • कई जगहों पर बोर्ड भंग होने की आशंका
  • BJP और कांग्रेस दोनों ही TMC के टूटने वाले नेताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश में लगे हैं

तृणमूल कांग्रेस के लिए यह वक्त बहुत मुश्किल है। नगर पालिका स्तर पर 100 से ज्यादा इस्तीफे पार्टी की जड़ों को हिला रहे हैं। अगर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी समय रहते पार्टी में एकता नहीं बनाए तो आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों में और नुकसान हो सकता है।

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