अपनापन शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की नई किताब “अपनापन” इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। किताब के विमोचन के मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात और एकता यात्रा के दौरान श्रीनगर के लाल चौक पर हुए ऐतिहासिक घटनाक्रम को भावुक होकर सुनाया।
किताब “अपनापन” का विमोचन
मंगलवार को दिल्ली में शिवराज सिंह चौहान की किताब “अपनापन” लॉन्च की गई। इस मौके पर कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शिवराज को “जमीनी स्तर का नेता” बताया और उनके 17 साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल को “बेदाग” करार दिया।

अपनापन शिवराज सिंह चौहान पीएम मोदी से पहली मुलाकात कब और कहां हुई?
- शिवराज सिंह चौहान ने किताब लॉन्च के दौरान याद किया:
- “मेरी नरेंद्र भाई से पहली मुलाकात एकता यात्रा के दौरान हुई थी। उस समय कश्मीर में
- आतंकवाद चरम पर था। कोई लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी नहीं कर सकता था।”
- भाजपा ने तय किया कि डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में एकता यात्रा निकाली जाए
- और लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाए। यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को सौंपा गया।
शिवराज ने बताया, “मैं लोकसभा उपचुनाव जीतकर आया ही था। स्वर्गीय प्रमोद महाजन का फोन आया कि केसरिया वाहिनी बन रही है, युवाओं को जोड़ने के लिए आप संयोजक बनिए। इसी दौरान नरेंद्र भाई से मुलाकात हुई।”
लाल चौक पर क्या हुआ था?
शिवराज सिंह चौहान ने पूरी घटना का रोचक वर्णन किया:
- यात्रा के दौरान फगवाड़ा में आतंकवादियों ने बस पर हमला कर दिया, जिसमें 6 कार्यकर्ता शहीद हो गए।
- श्रीनगर के लाल चौक पर पोस्टर चिपकाए गए — “आओ, देखें किसकी मां ने दूध पिलाया है।”
- कांग्रेस सरकार ने यात्रा रोकने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार तय हुआ
- कि सिर्फ डॉ. जोशी, नरेंद्र मोदी और कुछ लोग ही लाल चौक जाएंगे।
- 23 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा फहराया गया।
शिवराज ने आगे बताया, “जब नरेंद्र भाई जम्मू लौटे तो लाखों कार्यकर्ता इकट्ठे थे। जो कार्यकर्ता यात्रा में लगे थे, वे लाल चौक नहीं पहुंच पाए थे। नरेंद्र भाई भावुक हो गए और रोते हुए कहने लगे — ‘वे दिन-रात काम करते रहे, लेकिन अपना सपना पूरा नहीं देख पाए।’ उनका गला रूंध गया था।”
किताब में मोदी-शिवराज संबंध
- “अपनापन” में शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी के साथ अपने लंबे संबंधों
- राजनीतिक सफर और व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया है।
- किताब न सिर्फ राजनीतिक घटनाओं बल्कि भावनात्मक क्षणों को भी छूती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह किताब?
- शिवराज सिंह चौहान के 17 साल के “बेदाग” मुख्यमंत्री कार्यकाल की कहानी
- पीएम मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शिता का जिक्र
- कश्मीर में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत करने वाली एकता यात्रा की गाथा
- भाजपा कार्यकर्ताओं के बलिदान और समर्पण की मिसाल
शिवराज सिंह चौहान की किताब “अपनापन” न सिर्फ एक राजनीतिक आत्मकथा है, बल्कि राष्ट्रवाद, समर्पण और नेतृत्व की भावनाओं से भरी हुई है। पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात और लाल चौक पर तिरंगा फहराने का किस्सा पढ़कर या सुनकर कोई भी भावुक हो जाता है।






