वेब स्टोरी क्रिकेट राजनीति विदेश स्पोर्ट्स फिल्मी दुनिया जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश अंतरराष्ट्रीय राशिफल स्वास्थ्य  फाइनेंस/शेयर मार्केट अन्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी रूस सैंक्शंस बिल को मंजूरी भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए 500% टैरिफ का खतरा क्या होगा असर?

On: January 8, 2026 1:08 PM
Follow Us:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप : ने एक द्विदलीय रूस सैंक्शंस बिल को हरी झंडी दे दी है, जो रूसी तेल और यूरेनियम खरीदने वाले देशों को निशाना बनाती है। इस बिल से भारत जैसे देशों पर 500% तक टैरिफ लगने का खतरा मंडरा रहा है। 8 जनवरी 2026 को व्हाइट हाउस में सीनेटर लिंडसे ग्राहम से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने इस विधेयक का समर्थन किया। यह कदम यूक्रेन युद्ध में रूस की आर्थिक मदद को रोकने के लिए उठाया गया है, लेकिन इससे भारत-रूस व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस बिल की डिटेल्स, भारत पर प्रभाव और पृष्ठभूमि।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन और बिल की मुख्य बातें

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ग्राहम से मिलकर इस सैंक्शंस विधेयक को अपना समर्थन दिया। एसोसिएटेड प्रेस से बात करने वाले एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। ग्राहम ने कहा कि अगले सप्ताह इस पर वोट हो सकता है, हालांकि यह निश्चित नहीं है। सीनेट अगले हफ्ते एक छोटे सरकारी फंडिंग पैकेज पर विचार करेगी, उसके बाद मार्टिन लूथर किंग जूनियर डे के लिए अवकाश होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

यह बिल रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल द्वारा तैयार किया गया है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 500% तक टैरिफ और सेकेंडरी सैंक्शंस लगाने का अधिकार दिया गया है जो जानबूझकर रूसी तेल, गैस, यूरेनियम या अन्य निर्यात खरीदते हैं। बिल का मुख्य उद्देश्य मॉस्को की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना है, ताकि रूस की सैन्य कार्रवाइयों का फाइनेंसिंग रोका जा सके। सीनेट में दर्जनों को-स्पॉन्सर्स हैं और हाउस में रिपब्लिकन रिप्रेजेंटेटिव ब्रायन फिट्जपैट्रिक द्वारा एक साथी बिल पेश किया गया है। व्हाइट हाउस ने पहले इसमें बदलाव और ट्रंप के लिए फ्लेक्सिबिलिटी की मांग की थी, लेकिन क्या कोई संशोधन हुए, यह स्पष्ट नहीं है।

भारत, चीन और ब्राजील पर क्या असर?

यह बिल रूस के व्यापारिक भागीदारों को दंडित करने के लिए है, जिसमें भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश शामिल हैं जो रूसी तेल खरीदते रहते हैं। ग्राहम ने कहा, “यह अच्छा समय है, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन सिर्फ बातें कर रहा है, निर्दोषों को मारता जा रहा है।” बिल का मकसद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ‘युद्ध मशीन’ को फंडिंग देने वाले देशों पर नकेल कसना है।

  • भारत के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है। भारत रूस से सस्ता तेल आयात करता है
  • जो उसकी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा है। 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल आयात बढ़ाया
  • जो अब कुल आयात का 30-40% है। अगर 500% टैरिफ लगता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा
  • तेल कीमतें बढ़ सकती हैं, इंफ्लेशन चढ़ सकता है और व्यापार घाटा प्रभावित हो सकता है।
  • चीन और ब्राजील भी इसी खतरे में हैं, जो रूस की अर्थव्यवस्था को सपोर्ट कर रहे हैं।

यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि और शांति प्रयास

यह सैंक्शंस पैकेज यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में आया है, जो रूस की आक्रमण के साथ लगभग चार साल पहले शुरू हुआ था। रूस के तेल निर्यात से मिलने वाली कमाई यूक्रेन में सैन्य अभियानों को फंड करती है। ट्रंप प्रशासन युद्ध खत्म करने के लिए शांति डील पर बातचीत कर रहा है, जिसमें स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर मुख्य नेगोशिएटर्स हैं। बिल का उद्देश्य रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाकर शांति प्रक्रिया को मजबूत करना है।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन और विदेश नीति में सख्ती देखी जा रही है, और यह बिल उसी का हिस्सा है। हालांकि, भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हैं, लेकिन रूस के साथ भारत की पारंपरिक साझेदारी (S-400 डील आदि) से टेंशन बढ़ सकता है।

क्या होगा आगे? भारत की रणनीति

  • अगर बिल पास होता है, तो भारत को वैकल्पिक तेल स्रोत ढूंढने पड़ेंगे, जैसे सऊदी अरब या अमेरिका से।
  • लेकिन यह महंगा साबित हो सकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
  • लेकिन डिप्लोमैटिक स्तर पर बातचीत की उम्मीद है। ट्रंप के भारत के साथ अच्छे संबंध (मोदी-ट्रंप ब्रोमांस)
  • से कुछ राहत मिल सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

BHEL शेयर गिरावट

BHEL शेयर गिरावट भारत चीनी कंपनियों पर सरकारी ठेकों की पाबंदी हटा सकता है 2026 में बड़ा आर्थिक बदलाव?

मिनेसोटा ICE शूटिंग

मिनेसोटा ICE शूटिंग महिला की मौत पर अमेरिकी मीडिया कवरेज में बंटवारा, ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन और डेमोक्रेट्स आमने सामने!

रेखा झुनझुनवाला

रेखा झुनझुनवाला की टाइटन होल्डिंग ₹20,000 करोड़ पार शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड हाई!

ट्रंप ग्रीनलैंड

ट्रंप ग्रीनलैंड को कैसे हासिल कर सकते हैं 4 आसान स्टेप्स में पूरा प्लान, NATO पर खतरा!

डेमियन मार्टिन अस्पताल न्यूज

डेमियन मार्टिन अस्पताल न्यूज डेमियन मार्टिन अस्पताल में भर्ती मेनिन्जाइटिस से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इंड्यूस्ड कोमा में

Thailand Cambodia Border Dispute

Thailand Cambodia Border Dispute चीन ने ट्रंप पर साधा निशाना थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद में शांतिदूत बनकर उभरा!

Leave a Comment