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Thailand Cambodia Border Dispute चीन ने ट्रंप पर साधा निशाना थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद में शांतिदूत बनकर उभरा!

Thailand Cambodia Border Dispute
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Thailand Cambodia Border Dispute चीन ने ट्रंप पर साधा निशाना थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद में शांतिदूत बनकर उभरा!

Thailand Cambodia Border Dispute : 2025 के अंत में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद फिर भड़क उठा जिसमें दर्जनों सैनिक और नागरिक मारे गए तथा 5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए। 27 दिसंबर 2025 को दोनों देशों ने तत्काल युद्धविराम की घोषणा की, जो छह महीनों में दूसरा सीजफायर था। इस बार चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने थाई और कंबोडियाई समकक्षों से युन्नान प्रांत में अलग-अलग और फिर त्रिपक्षीय बैठक की। चीन ने खुद को “एशियन तरीके” से शांति स्थापित करने वाला बताया, जबकि ट्रंप की टैरिफ धमकियों वाली मध्यस्थता को आलोचना का शिकार बनाया।

Thailand Cambodia Border Dispute थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद का बैकग्राउंड

यह विवाद दशकों पुराना है, जो मुख्य रूप से प्राचीन मंदिरों जैसे प्रिया विहार मंदिर के आसपास के क्षेत्रों पर है। 1907 में फ्रेंच कॉलोनियल मैप से उत्पन्न अस्पष्टता इसका मुख्य कारण है। 2025 में मई से क्लैश शुरू हुए, जुलाई में ट्रंप की मध्यस्थता से पहला सीजफायर हुआ, लेकिन दिसंबर में फिर हिंसा भड़की – थाई एयरस्ट्राइक्स, आर्टिलरी और ग्राउंड ऑपरेशंस हुए। थाईलैंड इसे “स्कैम सेंटर्स पर वार” बताता है, जहां कंबोडिया में साइबर क्राइम ऑपरेशंस चलते हैं। दोनों देशों में नेशनलिज्म बढ़ा, थाईलैंड में फरवरी 2026 चुनाव से पहले पीएम अनुतिन चार्नविराकुल को फायदा हुआ।

Thailand Cambodia Border Dispute
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चीन की मध्यस्थता और ट्रंप पर तंज

28-29 दिसंबर को वांग यी ने थाई विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेतकेओव और कंबोडियाई विदेश मंत्री प्राक सोखोन से मुलाकात की। वांग यी ने कहा, “चीन की शांति प्रयास कभी दूसरों पर थोपे नहीं जाते या हद पार नहीं करते।” ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि पश्चिमी मध्यस्थता के विपरीत चीन कोई राजनीतिक शर्तें नहीं थोपता या भू-राजनीतिक फायदा नहीं लेता। यह ट्रंप की जुलाई मध्यस्थता पर तंज था, जहां उन्होंने टैरिफ धमकी देकर सीजफायर करवाया और खुद को पीस मेकर बताया। ट्रंप ने नवीनतम सीजफायर का भी क्रेडिट लिया, लेकिन चीन ने इसे एशियन तरीके से सुलझाने का दावा किया।

सीजफायर की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां

29 दिसंबर को थाई सैनिक माइन ब्लास्ट में घायल हुआ, थाईलैंड ने कंबोडिया पर आरोप लगाया। फिर भी दोनों पक्षों ने सीजफायर बनाए रखने पर सहमति जताई। थाईलैंड 72 घंटे बाद 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा करने पर विचार करेगा। चीन ने ASEAN ऑब्जर्वर मिशन को सपोर्ट और मानवीय सहायता (कंबोडिया को 3 मिलियन डॉलर) की पेशकश की। थाईलैंड ने सहायता पर विचार कर रहा है।

अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता का नया मोर्चा

  • यह घटना दक्षिण पूर्व एशिया में US-चीन राइवलरी को उजागर करती है।
  • ट्रंप नोबेल पीस प्राइज की दौड़ में खुद को ग्लोबल पीस मेकर दिखाना चाहते हैं
  • जबकि चीन गैर-हस्तक्षेप वाली इमेज बना रहा है। थाईलैंड ने चीन की भूमिका की सराहना की
  • जो बीजिंग के प्रभाव बढ़ाने का संकेत है। क्या यह सीजफायर स्थायी होगा या फिर टूटेगा?
  • आने वाला समय बताएगा, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों महाशक्तियों का रोल अहम रहेगा।