Aaj Ka Panchang 15 November 2025 जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और एकादशी विशेष!
Aaj Ka Panchang 15 November 2025 जानिए आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और एकादशी विशेष!
Aaj Ka Panchang 15 November : 15 नवंबर 2025 का दिन हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि आज कई शुभ मुहूर्त और एकादशी का व्रत है। हिन्दू पंचांग के अनुसार दिन भर के समय चंद्र, राहु काल, योग, करण आदि का सही ज्ञान रखना शुभ कार्यों के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। इस ब्लॉग पोस्ट में आपको आज के दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, एकादशी तथा अन्य पंचांग की मुख्य विशेषताएं विस्तार से प्रस्तुत की जाएगी ताकि आप अपने दिन को आरंभ से लेकर अंत तक सफलता और सौभाग्य के साथ बीता सकें।
आज का हिंदू पंचांग: 15 नवंबर 2025 (मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष)
- तिथि: एकादशी (कृष्ण पक्ष की एकादशी)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
- योग: शुभ
- करण: बव
- वार: शनिवार
- अमृतकाल: सुबह 7:45 बजे से सुबह 9:09 बजे तक
- राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
- गुलिककाल: सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
- यमगंड काल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
- सूर्योदय: सुबह 6:42 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:15 बजे

आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
यह मुहूर्त बहुत शुभ माना जाता है और इस समय कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। - विध्नहर्ता शुभ मुहूर्त: सुबह 8:00 बजे से 8:45 बजे तक
विशेष रूप से नए कार्य प्रारंभ करने के लिए शुभ। - सूर्यपूजा का मुहूर्त: सुबह 7:30 बजे से 8:15 बजे तक
इस समय सूर्य भगवान की पूजा करने से स्वास्थ्य लाभ होता है। - राजयोग मुहूर्त: दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक
व्यवसाय या महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उत्तम समय।
राहुकाल और अन्य काल
- राहुकाल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
राहुकाल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय नए कार्य या यात्रा न करें। - गुलिककाल: सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
व्यापार या किसी महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। - यमगंड काल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
यह काल भी अशुभ माना जाता है, इस समय सावधानी बरतें।
एकादशी विशेष: उत्पन्ना एकादशी
आज के दिन उत्पन्ना एकादशी का व्रत है। इसे भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ व्रत माना जाता है। उत्पन्ना एकादशी को व्रत रखने से समस्त पाप दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। इस दिन व्रत का पारण दूसरे दिन दोपहर का शुभ मुहूर्त देखकर ही करें। तुलसी, भगवान विष्णु की पूजा, और कथा वाचन की विशेष महत्ता है।
आज के पंचांग के अनुसार क्या करें?
- शुभ मुहूर्त में शुभ कार्य प्रारंभ करने का समय चुनें।
- राहुकाल के समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचें।
- उत्पन्ना एकादशी व्रत का पालन करें और पूजा विधि का सख्ती से पालन करें।
- परिवार और समाज में सौहार्द बनाए रखें और दान-पुण्य करें।
- ध्यान और प्रार्थना के लिए समय निकालें, इससे मन में शांति और संतुष्टि बनी रहेगी।
15 नवंबर 2025 का पंचांग आपकी दिनचर्या के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित होगा। शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर कार्यों की शुरुआत करें, राहुकाल से बचें और एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व समझते हुए उसका पालन करें। इससे आपका दिन सफल और मंगलमय रहेगा। आधुनिक जीवन की भागदौड़ में भी धर्म और संस्कृति के नियमों का पालन अच्छी जिंदगी के लिए महत्वपूर्ण है।