Sunrise Festival Dong 2025 : अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में स्थित डोंग गांव में 29 दिसंबर 2025 से भारत का पहला सनराइज फेस्टिवल शुरू हो गया है। यह पांच दिवसीय उत्सव भारत की सबसे पूर्वी बस्ती डोंग में आयोजित किया जा रहा है, जहां हर दिन सूर्य की पहली किरणें सबसे पहले पड़ती हैं। डोंग गांव भारत, चीन और म्यांमार की त्रि-जंक्शन पर स्थित है और मेयोर (जाखरिंग) जनजाति का घर है, जिन्हें ‘सनराइज पीपल’ भी कहा जाता है। इस फेस्टिवल का उद्घाटन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने किया, जिन्होंने देवताओं को प्रार्थना अर्पित की। उपमुख्यमंत्री चौना मीन भी उनके साथ थे।
Sunrise Festival Dong 2025 सनराइज फेस्टिवल का महत्व और उद्देश्य
यह फेस्टिवल पहली बार आयोजित किया जा रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक समृद्धि और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है। डोंग वैली के मेयोर जनजाति के लोग सूर्य और प्रकृति की पूजा करते हैं। उनकी जिंदगी जंगल, पहाड़ और सूर्य से गहराई से जुड़ी हुई है। फेस्टिवल के माध्यम से मेयोर जनजाति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराएं और विश्वास प्रणाली को दुनिया के सामने लाया जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि इस उत्सव से अरुणाचल प्रदेश की विविधता का वैश्विक स्तर पर प्रचार होगा। मेयोर ट्राइब अपनी सादगी और प्रकृति से गहरा जुड़ाव के लिए जाना जाता है। फेस्टिवल में एडवेंचर एक्टिविटीज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कम्युनिटी लीड टूरिज्म पर फोकस है। यह भारत की पहली सूर्य किरणों से गाइडेड डेस्टिनेशन एक्सपीरियंस प्रदान करेगा।
पवित्र मेयोर रिचुअल्स और उद्घाटन
- फेस्टिवल की शुरुआत पवित्र मेयोर रिचुअल्स से हुई, जिसमें जंगल और पहाड़ों के आत्माओं को
- आमंत्रित किया गया और देवताओं को प्रार्थना अर्पित की गई। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोशल मीडिया
- पर लिखा, “डोंग में सनराइज फेस्टिवल की शुरुआत पवित्र मेयोर रिचुअल्स से हुई
- जिसमें वनों और पर्वतों की आत्माओं को बुलाया गया और देवताओं को प्रार्थना की गई।”
इस उत्सव में अरुणाचल की विभिन्न जनजातियां जैसे मिशमी, सिंहफो, गालो, वांचो, नोक्टे, आदि, अपतानी, न्यिशी और मोनपा शामिल हो रही हैं। ये जनजातियां अपनी अनोखी संस्कृति, परंपराएं और प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगी।
अरुणाचल प्रदेश टूरिज्म को नई ऊंचाई
अरुणाचल प्रदेश पहले से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालय की गोद और विविध जनजातीय संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। डोंग गांव भारत का सबसे पूर्वी गांव होने से यहां सूर्योदय का नजारा अद्भुत होता है। यह फेस्टिवल टूरिज्म को बूस्ट देगा और साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करेगा।
- आयोजक उत्साहित हैं कि पहली बार ऐसा फेस्टिवल आयोजित हो रहा है
- और इससे दुनिया को अरुणाचल की विविधता का पता चलेगा। फेस्टिवल 2 जनवरी 2026 तक चलेगा
- जिसमें सांस्कृतिक प्रदर्शन, ट्रेडिशनल डांस, म्यूजिक और लोकल फूड शामिल होंगे।
- सनराइज फेस्टिवल न केवल एक उत्सव है, बल्कि अरुणाचल की सांस्कृतिक धरोहर को
- संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं
- या सांस्कृतिक विरासत देखना चाहते हैं, तो डोंग जरूर जाएं।










