सिद्धारमैया सीएम पद कर्नाटक की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। लंबे समय से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता की खींचतान चल रही थी, जिसका अंत आखिरकार सिद्धारमैया के इस्तीफे से हुआ। अब सिद्धारमैया ने कांग्रेस आलाकमान के सामने नई डिमांड रख दी है अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को उपमुख्यमंत्री बनाने की।
यह घटनाक्रम कर्नाटक कांग्रेस में परिवारवाद और सत्ता समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।

सिद्धारमैया सीएम पद पूरा मामला क्या है?
29 मई 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी आलाकमान के निर्देश पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
- लेकिन इस्तीफा देते ही सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के सामने एक बड़ी मांग रख दी।
- सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपने बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया (जो वर्तमान में MLC हैं)
- को उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग की है।
- सिद्धारमैया ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी
- और राहुल गांधी से मुलाकात की। इन बैठकों में उनके साथ उनके बेटे यतींद्र भी मौजूद रहे।
सिद्धारमैया की डिमांड क्यों महत्वपूर्ण?
- सिद्धारमैया कर्नाटक के सबसे अनुभवी और लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। उन्होंने AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित) समीकरण के जरिए कांग्रेस को मजबूत किया।
- उनका बेटा यतींद्र पहले विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में MLC हैं। सिद्धारमैया अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में बेटे को स्थापित करना चाहते हैं।
- सूत्र बताते हैं कि सिद्धारमैया ने लगभग 15 अपने वफादार विधायकों के लिए भी महत्वपूर्ण मंत्रिपदों की मांग की है।
- कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि नई सरकार में एक से ज्यादा डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं, जिसमें यतींद्र को जगह मिल सकती है।
डीके शिवकुमार का रिएक्शन
- डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया को भावुक पोस्ट के जरिए श्रद्धांजलि दी।
- उन्होंने सिद्धारमैया को “ताकत का स्तंभ” बताया और उनके सफर की तारीफ की।
- शिवकुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं।
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता समीकरण
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार 2023 में बनी थी। सिद्धारमैया को पहली बार CM बनाया गया था, जबकि डीके शिवकुमार डिप्टी CM बने। दोनों नेताओं के बीच पिछले कई महीनों से तनाव चल रहा था। आखिरकार हाईकमान ने सिद्धारमैया को हटाने का फैसला लिया।
सिद्धारमैया ने इस्तीफा देते हुए कहा:
“जब पार्टी कहेगी, मैं इस्तीफा दे दूंगा। मैंने पार्टी के निर्देश पर इस्तीफा दिया है। राज्यसभा जाने का ऑफर ठुकरा दिया क्योंकि मुझे राज्य की राजनीति में ही रहना है।”
क्या है यतींद्र सिद्धारमैया का राजनीतिक भविष्य?
- यतींद्र सिद्धारमैया चिकित्सक हैं और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- अगर उन्हें डिप्टी सीएम या महत्वपूर्ण मंत्रिपद मिलता है
- तो सिद्धारमैया परिवार की कर्नाटक राजनीति में पकड़ और मजबूत हो जाएगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया!
बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस के अंदरूनी कलह का सबूत बताया है। बीजेपी नेता इसे “परिवारवाद” का उदाहरण बता रहे हैं।
2028 विधानसभा चुनावों के नजरिए से महत्व
- 2028 के चुनावों को देखते हुए यह फैसले बहुत अहम हैं। कांग्रेस चाहती है
- कि सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों गुट संतुलित रहें। अगर यतींद्र को बड़ी जिम्मेदारी मिलती है
- तो सिद्धारमैया गुट खुश रहेगा, लेकिन शिवकुमार गुट में नाराजगी भी हो सकती है।
सिद्धारमैया का इस्तीफा और बेटे के लिए डिप्टी सीएम पद की मांग कर्नाटक राजनीति का नया अध्याय है। यह दिखाता है कि बड़े नेता अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कितने सक्रिय रहते हैं। अब सबकी नजर दिल्ली में चल रही बैठकों पर है – क्या कांग्रेस आलाकमान सिद्धारमैया की मांग मान लेगा या कोई समझौता फॉर्मूला निकलेगा?







