राहुल गांधी ट्रोल्ड राहुल गांधी एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार बन गए हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे और अडानी ग्रुप को लेकर एक ग्राफिक शेयर किया, लेकिन इसमें नॉर्वे का झंडा लगाने की जगह स्वीडन का झंडा लगा दिया। इस तथ्यात्मक गलती ने कांग्रेस की रिसर्च टीम की काफी किरकिरी कर दी है और सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में हैं। यह 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नॉर्वे दौरा है। पीएम मोदी भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं और उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है।

पूरा मामला क्या है? (Rahul Gandhi Flag Mistake Explained)
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स (Twitter) अकाउंट से एक तुलनात्मक ग्राफिक शेयर किया। ग्राफिक में दो बातें लिखी गई थीं:
- बाईं तरफ: नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड ने अडानी ग्रीन एनर्जी को अपने पोर्टफोलियो से बाहर किया (27 फरवरी 2026)।
- दाईं तरफ: पीएम मोदी ने नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा शुरू किया – 43 साल में पहला दौरा (18 मई 2026)।
ग्राफिक में पीएम मोदी की तस्वीर के पीछे भारत का तिरंगा और दूसरी तरफ एक यूरोपीय देश का झंडा दिखाया गया था।
राहुल गांधी ट्रोल्ड कहाँ हुई बड़ी चूक?
- ग्राफिक में नॉर्वे की जगह स्वीडन का झंडा लगा दिया गया।
- स्वीडन का झंडा नीले बैकग्राउंड पर पीला नॉर्डिक क्रॉस वाला होता है
- जबकि नॉर्वे का झंडा लाल रंग का होता है जिसमें सफेद और नीला क्रॉस है।
- इस छोटी सी गलती को सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत पकड़ लिया। लोग कांग्रेस की सोशल मीडिया
- टीम पर सवाल उठा रहे हैं कि जब आप पीएम मोदी और अडानी
- पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो कम से कम देशों के झंडे तो सही लगाया करो।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का दौर
- पोस्ट होते ही यूजर्स ने स्वीडन और नॉर्वे के असली झंडों की तस्वीरें शेयर
- कर मीम्स बनाना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने लिखा:
- “राहुल गांधी की टीम को भूगोल का ज्ञान नहीं है।”
- “अडानी पर सवाल करने से पहले अपना होमवर्क तो कर लो।”
- “नॉर्वे vs स्वीडन – कांग्रेस का नया ज्योग्राफी मॉडल ”
यह गलती अडानी मुद्दे से ध्यान पूरी तरह हटाकर कांग्रेस की फजीहत का कारण बन गई।
पीएम मोदी का नॉर्वे दौरा कितना महत्वपूर्ण?
पीएम मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। नॉर्वे के पेंशन फंड और सॉवरेन वेल्थ फंड के साथ भारत में निवेश, ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और व्यापार संबंधों पर चर्चा हो रही है।
राहुल गांधी ने इसी दौरे के दौरान पीएम मोदी पर यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने नॉर्वे में पत्रकारों के सवालों से बचकर भागने की कोशिश की। उन्होंने “Compromised PM” कहकर तंज कसा था। लेकिन झंडे की गलती ने उनके इस हमले की गंभीरता को कमजोर कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषण
- राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के युग में छोटी-छोटी
- गलतियां भी बड़ी कीमत वसूलती हैं। कांग्रेस लगातार पीएम मोदी और अडानी पर हमले कर रही है
- लेकिन बार-बार ऐसी फैक्ट चेक फेल होने वाली गलतियां पार्टी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं।
भाजपा समर्थक इस घटना को कांग्रेस की “रिसर्च फेलियर” के रूप में पेश कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस की तरफ से अभी तक इस गलती पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है और न ही ग्राफिक को डिलीट किया गया है।
राहुल गांधी का यह पोस्ट अडानी और मोदी सरकार पर सवाल उठाने के मकसद से किया गया था, लेकिन स्वीडन का झंडा लगाकर उन्होंने खुद को ट्रोलिंग के लिए खुला न्योता दे दिया।







