कौन हैं स्वप्ना बर्मन एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट ने राजनीति के लिए रेलवे जॉब छोड़ी अब चुनाव हारकर पछता रही हैं!

On: May 19, 2026 9:04 AM
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कौन हैं स्वप्ना बर्मन स्वप्न बर्मन की जीवनी और खेल करियर से जुड़ी तस्वीर

कौन हैं स्वप्ना बर्मन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली स्वप्ना बर्मन अब सुर्खियों में अलग वजह से हैं। टीएमसी में शामिल होकर राजनीति में कदम रखने वाली इस पूर्व एथलीट ने रेलवे की नौकरी भी गंवा दी। हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद स्वप्ना बर्मन राजनीति के फैसले पर पछतावा जता रही हैं। उनके पुराने घर में आग लगने की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

स्वप्ना बर्मन का जन्म 29 अक्टूबर 1996 को जलपाईगुड़ी जिले के घोषपाड़ा गांव में हुआ। गरीब राजबंशी परिवार से ताल्लुक रखने वाली स्वप्ना ने संघर्ष की मिसाल पेश की।

कौन हैं स्वप्ना बर्मन स्वप्न बर्मन की जीवनी और खेल करियर से जुड़ी तस्वीर
कौन हैं स्वप्न बर्मन जानें स्वप्न बर्मन की संघर्ष भरी कहानी और खेल जगत में उनकी उपलब्धियां।

स्वप्ना बर्मन की उपलब्धियां!

  • 2018 जकार्ता एशियाई खेल: महिलाओं की हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं।
  • अर्जुन अवॉर्ड: 2019 में उन्हें भारत सरकार ने अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • वे छह उंगलियों के साथ पैदा हुईं, लेकिन इच्छाशक्ति से खेल के मैदान पर चमकीं।

कौन हैं स्वप्ना बर्मन राजनीति में प्रवेश और बड़ा फैसला

27 फरवरी 2026 को स्वप्ना बर्मन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) जॉइन की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से प्रेरित बताते हुए उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया। टीएमसी ने उन्हें जलपाईगुड़ी जिले की राजगंज विधानसभा सीट से टिकट दिया।

लेकिन चुनावी नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे। भाजपा उम्मीदवार दिनेश सरकार ने उन्हें 21,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया।

रेलवे जॉब भी गई

  • स्वप्ना उत्तर सीमांत रेलवे (North Frontier Railway) के अलीपुरद्वार मंडल
  • में स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थीं। टीएमसी जॉइन करते समय उन्होंने
  • आधिकारिक इस्तीफा नहीं दिया, जिसके चलते सरकारी
  • नियमों का उल्लंघन मानते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
  • अब चुनाव हारने के बाद वे आर्थिक संकट का भी सामना कर सकती हैं।

घर में आग लगने की घटना

  • चुनाव हार के कुछ दिनों बाद स्वप्ना बर्मन के पुराने घर (पटाकाटा घोषपाड़ा) में आग लग गई।
  • उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और टीएमसी ने इसे भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा साजिश बताया।
  • दूसरी तरफ भाजपा और स्थानीय लोगों ने इसे पारिवारिक विवाद बताया।
  • राजगंज से विजयी भाजपा विधायक दिनेश सरकार ने कहा कि इस घटना में भाजपा का कोई हाथ नहीं है।

स्वप्ना का पछतावा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्वप्ना बर्मन ने कहा:

“मुझे नहीं पता था कि राजनीति में इतना दर्द है। अगर पता होता तो मैं राजनीति में आती ही नहीं। परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि वे खेल के मैदान पर संघर्ष करना जानती हैं, लेकिन राजनीति अलग दुनिया है। आग की घटना के बाद वे पार्टी गतिविधियों से भी दूर हो गई हैं।

राजबंशी समुदाय और बंगाल की राजनीति

  • स्वप्ना बर्मन राजबंशी समुदाय से आती हैं, जो उत्तर बंगाल में महत्वपूर्ण वोट बैंक माना जाता है।
  • उनकी उम्मीदवारी को शुरू में समुदाय का समर्थन मिला, लेकिन पार्टी के आंतरिक असंतोष (
  • खासकर स्थानीय नेता खागेश्वर बर्मन को टिकट न मिलने) ने असर डाला।

स्वप्ना बर्मन की कहानी सफलता, संघर्ष और निराशा का मिश्रण है। खेल में उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया, लेकिन राजनीति में उन्हें कड़वा अनुभव हुआ। अब सवाल यह है कि क्या वे खेल की दुनिया में वापसी करेंगी या राजनीति में फिर से किस्मत आजमाएंगी।

यह घटना यह भी दिखाती है कि खेल और राजनीति दो अलग दुनिया हैं। एक में मेहनत और प्रदर्शन काम आता है, तो दूसरी में स्थानीय प्रभाव, पार्टी संगठन और रणनीति ज्यादा मायने रखती है।

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