पीएम मोदी : नई दिल्ली संसद के बजट सत्र 2026 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार की लास्ट माइल डिलिवरी पर फोकस की वजह से विपक्ष और उनके आलोचक भी मानते हैं कि योजनाएं समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंची हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हमें ना पसंद करने वाले भी कहते हैं कि इस सरकार ने आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने पर बल दिया है। हम इसी परंपरा पर आगे बढ़ने वाले हैं।” यह बयान संसद सत्र के दौरान राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला है।
संसद सत्र के महत्व पर पीएम मोदी की बातें!
प्रधानमंत्री ने बजट सत्र को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के लिए अगले 25 साल बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह शताब्दी के दूसरे क्वॉर्टर का पहला बजट होगा। पीएम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तारीफ की कि वे लगातार 9वीं बार बजट पेश करने जा रही हैं – यह देश की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम का कमेंट
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को पीएम मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण सभी सांसदों के लिए मार्गदर्शन से भरा था। सांसदों से अपेक्षा की गई है कि वे गंभीरता से इसे लें और राष्ट्रहित में काम करें।
यूरोपियन यूनियन के साथ FTA पर बड़ा बयान
- पीएम मोदी ने भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को बड़ा अवसर बताया।
- उन्होंने कहा कि इससे भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को 27 देशों का विशाल बाजार मिलेगा।
- लेकिन सफलता का पहला मंत्र है – क्वालिटी पर फोकस। पीएम बोले, “बाजार खुल गया है
- तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर बाजार में जाएं।” इससे न सिर्फ पैसे कमाएंगे बल्कि दिल भी जीतेंगे।
- कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड से जुड़ेगा।
सरकार की नीति: रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म
- पीएम ने अपनी सरकार की नीति को रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म बताया और कहा
- कि अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। देश लंबे समय से लंबित समस्याओं
- से निकलकर लॉन्ग-टर्म सॉल्यूशन्स की ओर बढ़ रहा है। हर फैसला राष्ट्र की प्रगति और मानव केंद्रित है।
- तकनीक को अपनाते हुए भी इंसान को केंद्र में रखा जा रहा है।
विपक्ष पर अप्रत्यक्ष निशाना
- प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से विपक्ष का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि “हमें पसंद न करने वाले
- भी लास्ट माइल डिलिवरी की तारीफ करते हैं। यह इशारा विपक्ष की ओर है
- कि उनकी योजनाओं की सफलता अब सब मान रहे हैं। पीएम ने भारत की डेमोक्रेसी
- और डेमोग्राफी को दुनिया के लिए बड़ी उम्मीद बताया।
सत्र की चुनौतियां और उम्मीदें!
बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण पहले ही पेश हो चुका है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, लेकिन पीएम मोदी का संदेश साफ है – राष्ट्रहित सर्वोपरि। सांसदों से अपील है कि राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर विकसित भारत के लक्ष्य पर काम करें।










