अजीत पवार की दुखद मौत मैं थक चुका हूं अब कुछ नहीं चाहिए” – मौत से 5 दिन पहले क्या कहा था!
अजीत पवार की दुखद मौत मैं थक चुका हूं अब कुछ नहीं चाहिए” – मौत से 5 दिन पहले क्या कहा था!
अजीत पवार : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका लगा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेता अजीत पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। 66 वर्षीय अजीत पवार का यह आकस्मिक अंत न केवल पवार परिवार के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए एक गहरा सदमा है। दुर्घटना में विमान के सभी पांच सवार अजीत पवार, उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य – की मौत हो गई।
अजीत पवार की राजनीतिक यात्रा: बारामती से दिल्ली तक
यह खबर तब और दुखद हो जाती है जब पता चलता है कि मौत से महज 5 दिन पहले अजीत पवार ने अपने करीबी मित्र और बारामती विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टी किरण गूजर से बातचीत में अपनी थकान और निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, “अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं अब तंग आ गया हूं। ये सब बातें मुझे परेशान कर रही हैं।” यह उद्धरण उनके अंतिम दिनों की मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

अजीत पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे चर्चित और प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। वे शरद पवार के भतीजे थे और एनसीपी के युवा चेहरे के रूप में उभरे। 1984 में छत्रपति कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के चुनाव से उनकी राजनीतिक शुरुआत हुई, जहां किरण गूजर ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। #अजीत पवार शुरू में राजनीति से दूर रहना चाहते थे, लेकिन बारामती के लोगों की अपील पर उन्होंने यह कदम उठाया।
- उनकी राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही। वे कई बार महाराष्ट्र के
- जल संसाधन मंत्री, वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री रहे। 2023 में उन्होंने अपने चाचा
- शरद पवार से अलग होकर एनसीपी का एक गुट बनाया और महायुति सरकार में शामिल होकर
- देवेंद्र फडणवीस के साथ काम किया। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली हार ने
- उन्हें काफी प्रभावित किया। वे अक्सर कहते थे, “मैं इतनी मेहनत कर रहा हूं
- दिन-रात काम कर रहा हूं, लेकिन मुझे थप्पड़ क्यों पड़ रहे हैं?”
मौत से 5 दिन पहले की आखिरी बातचीत
किरण गूजर ने बताया कि 5 दिन पहले #अजीत पवार ने उनसे फोन पर बात की और कहा, “मैं अब थक चुका हूं। मुझे अब कुछ नहीं चाहिए।” दोनों ने बाहर घूमने का प्लान बनाया, आधा दिन साथ बिताया और डिनर किया – यह उनका आखिरी साथ बिताया समय था। अजीत पवार ने किरण से राजनीति से दूर रहने की सलाह भी मांगी। किरण गूजर ने कहा, “वह बहुत संवेदनशील थे। छोटी-छोटी बातें उन्हें परेशान करती थीं।”
- दुर्घटना के दिन #अजीत पवार ने प्लेन में चढ़ने से पहले किरण को फोन किया था।
- किरण एयरपोर्ट पर उन्हें लेने गए थे। उनकी आंखों के सामने प्लेन क्रैश हो गया।
- शव को कपड़ों और अन्य सामान से पहचाना गया। किरण ने कहा
- मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि यह सच है।”
परिवार और विरासत
- #अजीत पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे परथ और जय हैं।
- उनके पिता का निधन बचपन में ही हो गया था, जिसका असर उनके जीवन पर पड़ा।
- वे भगवान पर विश्वास रखते थे लेकिन अंधविश्वासी नहीं थे।
- शुरू में मंदिर जाने से परहेज करते थे, लेकिन उम्र के साथ उनका नजरिया बदला।
राजनीति पर प्रभाव
- अजीत पवार की मौत से एनसीपी और महायुति गठबंधन में बड़ा संकट आ गया है।
- बारामती सीट और पवार परिवार की विरासत पर सवाल उठ रहे हैं।
- उनके अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई बड़े नेता शामिल हुए।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि राजनीति की चकाचौंध के पीछे भी इंसान की थकान और भावनाएं होती हैं। अजीत पवार जैसे मजबूत नेता भी आखिरकार थकान महसूस करते हैं। उनकी यादें महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा जिंदा रहेंगी।
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