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मोनू वर्गीज मैमेन ने जीता मलयाला मनोरमा का प्रतिष्ठित कर्षकश्री अवॉर्ड 2026 इनोवेटिव फार्मिंग का नया मॉडल!

मोनू वर्गीज मैमेन
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मोनू वर्गीज मैमेन ने जीता मलयाला मनोरमा का प्रतिष्ठित कर्षकश्री अवॉर्ड 2026 इनोवेटिव फार्मिंग का नया मॉडल!

मोनू वर्गीज मैमेन : 20 दिसंबर 2025 को एक बड़ी खबर आई जब मोनू वर्गीज मैमेन (Monu Varghese Mammen) को मलयाला मनोरमा के कर्षकश्री अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केरल के सबसे प्रतिष्ठित कृषि सम्मानों में से एक है, जो कर्षकश्री मैगजीन द्वारा दिया जाता है। मोनू, जो 38 साल के हैं, एर्नाकुलम जिले के इलांजी (Veliyathumalil) के एक युवा किसान हैं। उन्होंने अपनी पारंपरिक रबर प्लांटेशन को टेक्नोलॉजी और विविधीकरण से सफल मॉडल फार्म में बदल दिया।

मोनू वर्गीज मैमेन कौन हैं?

#मोनू एक 20 एकड़ रबर प्लांटेशन चलाते हैं। 2019 में प्राकृतिक रबर की कीमतों में गिरावट आई तो उन्होंने डेयरी यूनिट शुरू की। अब यह यूनिट एक मॉडल एंटरप्राइज बन गई है। उन्होंने:

मोनू वर्गीज मैमेन
मोनू वर्गीज मैमेन
  • टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मिल्किंग सिस्टम लगाए।
  • कम लागत वाले क्लाइमेट-कंट्रोल्ड कैटल शेड बनाए।
  • अपना खुद का टोटल बैलेंस्ड राशन फॉर्मूला विकसित किया।
  • वैज्ञानिक ब्रीडिंग से इंटर-कैल्विंग पीरियड कम किया।
  • प्रोडक्टिविटी और आय बढ़ाई।

इसके अलावा, उन्होंने अपनी पत्नी निस और बहन मीनू को शामिल कर मोनू आइसक्रीम ब्रांड शुरू किया। यह महिलाओं के नेतृत्व वाला बिजनेस है। उन्होंने रबर प्लांटेशन में पोल्ट्री यूनिट भी लगाई और धान की खेती में यूरिया का इस्तेमाल कम किया।

जूरी ने कहा: “मोनू ने उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए इनोवेटिव और लगातार प्रयास किए। वे युवा, शिक्षित किसानों के लिए रोल मॉडल हैं जो टेक्नोलॉजी अपनाकर कृषि को सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल बनाते हैं।”

कर्षकश्री अवॉर्ड क्या है?

कर्षकश्री अवॉर्ड हर दो साल में दिया जाता है। यह केरल में कृषि उत्कृष्टता को मान्यता देता है। इस बार 117 नामांकनों में से 19 शॉर्टलिस्ट हुए, 5 फाइनलिस्ट थे। जूरी ने मोनू को सर्वसम्मति से चुना।

जूरी में शामिल थे:

  • टी. नंदकुमार (पूर्व यूनियन एग्रीकल्चर सेक्रेटरी, NDDB चेयरमैन)
  • पी. इंदिरादेवी (केरल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी)
  • माधुरा स्वामीनाथन (इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट)
  • बी. अशोक (केरल एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमिश्नर)
  • जैकब मैथ्यू (मलयाला मनोरमा मैनेजिंग एडिटर)

पुरस्कार में 3 लाख रुपये नकद, सर्टिफिकेट और गोल्ड मेडल शामिल है। अवॉर्ड फरवरी 2026 में थ्रिसूर के कर्षकश्री फार्म फेस्ट में दिया जाएगा।

अन्य फाइनलिस्ट

  • एम.के. पुरुषोत्तमन (सुल्तान बठेरी, वायनाड)
  • के. ससींद्रन (वेंगप्पल्ली, वायनाड)
  • टी.वी. राजनारायणन (थिरुविल्वामला, थ्रिसूर)
  • सी.डी. रवींद्रन नायर (वंडनमेडु, इडुक्की)

क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत?

केरल में रबर और चाय जैसे पारंपरिक फसलों पर निर्भरता है, लेकिन कीमतों की अस्थिरता से किसान प्रभावित होते हैं। मोनू ने दिखाया कि डाइवर्सिफिकेशन, टेक्नोलॉजी और वैल्यू एडिशन से कृषि को लाभदायक बनाया जा सकता है। यह पुरस्कार युवा किसानों को प्रेरित करेगा।

मलयाला मनोरमा के मैनेजिंग एडिटर जैकब मैथ्यू ने कहा: “मोनू की सफलता साबित करती है कि आधुनिक तकनीक और स्मार्ट फार्मिंग से चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।”

कृषि में महिलाओं की भूमिका

मोनू ने परिवार की महिलाओं को बिजनेस में शामिल किया, जो केरल में महिलाओं के लिए नई मिसाल है।

यह जीत केरल की कृषि को नई दिशा देगी। क्या मोनू जैसे किसान पूरे देश में मॉडल बनेंगे? फार्मिंग कम्युनिटी इंतजार कर रही है!