खान सर vs रोशन सर पटना के मुसल्लहपुर हाट में कोचिंग इंडस्ट्री इन दिनों सुर्खियों में है। खान सर (फैजल खान) और रोशन आनंद सर (ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी) के बीच चल रही पुरानी राइवलरी अब हिंसक रूप ले चुकी है। 2 जून की रात खान सर के कोचिंग सेंटर पर पत्थरबाजी और फायरिंग की घटना के बाद मामला गरमा गया। रोशन सर पहले ही जेल जा चुके हैं, जबकि खान सर पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। आइए जानते हैं इस पूरी दुश्मनी की कहानी, इसके पीछे की वजहें और छात्रों पर पड़ने वाले असर के बारे में।
#खान सर और रोशन सर दोनों ही बिहार में सरकारी नौकरियों की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षक हैं। पटना का मुसल्लहपुर हाट इलाका हजारों छात्रों का गढ़ है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी होती है।

दुश्मनी की शुरुआत: सफलता का क्रेडिट कौन ले?
ताजा विवाद की चिंगारी बिहार पुलिस और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद भड़ी। खान ग्लोबल स्टडीज ने दावा किया कि उनके संस्थान से 12,000 छात्र सफल हुए, जबकि ज्ञान बिंदु ने 10,000 छात्रों का क्रेडिट लिया।
- फरवरी में FRO परीक्षा के टॉपर अभिषेक कुमार (अभिषेक पटेल) को खान सर ने सम्मानित किया
- तो रोशन सर भड़क गए। उन्होंने व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक कर आरोप लगाया
- कि खान सर ने टॉपर को 10 लाख रुपये देकर “खरीद” लिया है।
- छात्र ने इन आरोपों को खारिज किया, लेकिन दोनों तरफ पोस्टर फाड़ने और बैनर हटाने की घटनाएं शुरू हो गईं।
खान सर vs रोशन सर कैंपस पर कब्जे की लड़ाई
पूरी कहानी का केंद्र है ‘किसान कोल्ड स्टोरेज’ कैंपस। 2018-19 तक यहां कई छोटे कोचिंग संस्थान चलते थे, लेकिन कोविड के बाद कई बंद हो गए। खान सर की सोशल मीडिया लोकप्रियता के कारण उन्होंने इन बंद हॉलों को किराए पर ले लिया। आज इस कैंपस का बड़ा हिस्सा खान ग्लोबल स्टडीज के नियंत्रण में है।
ज्ञान बिंदु के शिक्षक आरोप लगाते हैं कि खान सर पूरे कैंपस पर एकाधिकार चाहते हैं और मकान मालिकों को भारी किराया देकर सपोर्ट हासिल कर लिया है।
हॉस्टलों में भी खेल
- पटना के कोचिंग हब में हॉस्टल वाले छात्रों की भूमिका अहम है। हॉस्टल मैनेजमेंट और छात्र अक्सर
- उसी कोचिंग का साथ देते हैं जो उन्हें ज्यादा फंड या आयोजनों पर सपोर्ट देती है।
- दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हॉस्टल के लड़कों के जरिए हमले करवाने का आरोप लगाते रहे हैं।
- रोशन सर का आरोप है कि खान सर ‘पटेल हॉस्टल’ के लड़कों का इस्तेमाल करते हैं
- जबकि खान सर आरोप लगाते हैं कि 2021 में रोशन सर के भाई प्रिंस ने उनके क्लासरूम में तोड़फोड़ की थी।
रील टीचर vs दरोगा फैक्ट्री
- खान सर सोशल मीडिया पर बेहद पॉपुलर हैं। उनके विरोधी उन्हें “रील टीचर” कहकर PR कैंपेन का नाम देते हैं।
- रोशन सर अपनी क्लास में खान सर को बिना नाम लिए “रील टीचर” कह चुके हैं।
- उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि खान सर कपिल शर्मा शो में जाने के लिए PR एजेंसी को लाखों रुपये देते हैं।
- दूसरी तरफ खान सर ज्ञान बिंदु को “दरोगा फैक्ट्री” कहते हैं। वे छात्रों से कहते हैं
- “फैक्ट्री में मत जाओ, वहां मजदूर बनोगे। अफसर बनना है तो सोचो!”
- यह नामों की जंग अब छात्रों के बीच भी बंटवारे का कारण बन गई है।
2 जून की घटना और कानूनी लड़ाई
- 2 जून की रात 15-20 लोगों के एक समूह ने खान सर के सेंटर का पोस्टर फाड़ा और पथराव किया।
- गार्ड्स ने गोलियां चलाईं। रोशन आनंद को इस मामले में गिरफ्तार किया गया।
- खान सर पर भी हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है।
- मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है।
- छात्रों में भारी आक्रोश है और दोनों तरफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
छात्रों पर असर और कोचिंग इंडस्ट्री का भविष्य
- यह राइवलरी छात्रों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। एक तरफ पढ़ाई का माहौल खराब हो रहा है
- दूसरी तरफ दोनों संस्थानों के छात्र गुटों में बंट गए हैं। कोचिंग इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा अच्छी है
- लेकिन हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप शिक्षा की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
- बिहार जैसे राज्य में जहां लाखों युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं
- ऐसे विवाद पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं।
खान सर vs रोशन सर की यह दुश्मनी सिर्फ दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि पटना कोचिंग जगत की वर्चस्व की लड़ाई है। सोशल मीडिया, रिजल्ट क्रेडिट, कैंपस कंट्रोल और हॉस्टल पॉलिटिक्स ने इसे और बढ़ावा दिया।
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