इवांका ट्रंप लेटेस्ट न्यूज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े एक आतंकवादी ने इवांका की हत्या की योजना बनाई थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह साजिश ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए रची गई थी।
ईराकी नागरिक मोहम्मद बाकिर साद दाऊद अल-सादी IRGC द्वारा प्रशिक्षित था। उसने इवांका ट्रंप को मारने की कसम खाई थी। जांच एजेंसियों को उसके पास इवांका और उनके पति जared कुशनर के फ्लोरिडा स्थित 24 मिलियन डॉलर वाले घर का नक्शा भी मिला।

इवांका ट्रंप लेटेस्ट न्यूज साजिश की पूरी डिटेल
अल-सादी सुलेमानी को अपना पिता समान मानता था। सुलेमानी की 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत के बाद उसने बदला लेने की ठान ली। उसने सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी भरे पोस्ट किए, जिसमें उसने इवांका के घर का नक्शा शेयर कर अमेरिकियों को चेतावनी दी थी।
अल-सादी की गिरफ्तारी
15 मई 2026 को अल-सादी को तुर्की में गिरफ्तार किया गया, जब वह रूस भागने की कोशिश कर रहा था। बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी पर यूरोप और अमेरिका में 18 हमलों और हमले की कोशिशों के आरोप हैं।
उसके प्रमुख हमले:
- मार्च 2026: एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन पर बमबारी
- अप्रैल 2026: लंदन में दो यहूदियों पर चाकू हमला
- टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी
- बेल्जियम और रॉटरडैम में यहूदी स्थलों पर हमले
अल-सादी कताइब हिजबुल्लाह और IRGC दोनों का सक्रिय सदस्य था। उसके पास इराकी सर्विस पासपोर्ट मिला, जो उच्च सरकारी अधिकारियों को ही जारी होता है।
IRGC की भूमिका
- ईरान की IRGC ने अल-सादी को प्रशिक्षण और सपोर्ट दिया।
- वह IRGC के वर्तमान कमांडर इस्माइल कानी के भी करीबी था।
- अमेरिका IRGC को आतंकवादी संगठन मानता है। यह साजिश ईरान-अमेरिका तनाव को और बढ़ाने वाली है।
इवांका ट्रंप पर क्यों निशाना?
- इवांका ट्रंप ने 2009 में जared कुशनर से शादी से पहले यहूदी धर्म अपनाया था।
- ट्रंप परिवार की यहूदी समर्थक नीतियों के कारण ईरान और उसके समर्थक उन्हें निशाना बनाते रहे हैं।
- अल-सादी ने इवांका को मारकर ट्रंप परिवार कोpsychological सदमा पहुंचाना चाहता था।
अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था की सफलता
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने समय रहते साजिश का पता लगा लिया। अल-सादी को फिलहाल ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में एकांत कारावास में रखा गया है। व्हाइट हाउस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
- यह घटना अमेरिका-ईरान संबंधों में नया तनाव पैदा कर सकती है।
- अमेरिका पहले भी IRGC पर कई प्रतिबंध लगा चुका है। इजराइल और अमेरिका
- के बीच ईरान को लेकर पहले से ही तीखी बहस चल रही है।
डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पर IRGC की साजिश नाकाम होना अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाता है। लेकिन यह घटना वैश्विक स्तर पर आतंकवाद की बढ़ती चुनौती को भी उजागर करती है। अमेरिका अब IRGC के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है।






