भीषण गर्मी के बीच मौसम ने बदला मिजाज! बिहार से केरल तक तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी

On: May 23, 2026 10:09 AM
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मानसून बारिश अलर्ट

मानसून बारिश अलर्ट भीषण गर्मी के बीच मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। बिहार से लेकर केरल तक भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मानसून बारिश अलर्ट

भारत इन दिनों दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, तो दूसरी तरफ पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अचानक मौसम ने करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों और दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारी का संकेत दे रहा है।

मानसून बारिश अलर्ट: भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद

देश के कई हिस्सों में अप्रैल-मई में तापमान 45-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था। लेकिन अब पूर्वी और दक्षिणी भारत में बारिश की वजह से तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है।

IMD के अनुसार, 22-28 मई के दौरान उत्तर-पूर्व भारत, बिहार और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही बाढ़, जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है।

बिहार और पूर्वी भारत में तूफान का खतरा

बिहार में मौसम पूरी तरह बदल चुका है। गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया जैसे जिलों में भारी बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड और ओडिशा में भी इसी तरह की स्थिति है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सब-हिमालयी क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पकी फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें और खुले में न रखें।

उत्तर-पूर्व भारत में भारी बारिश का सिलसिला

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक वाली आंधी का दौर रहेगा। IMD ने कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) का पूर्वानुमान लगाया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है।

यह गतिविधियां मानसून की उन्नति से जुड़ी हैं। IMD के मुताबिक, मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, जो सामान्य से थोड़ा पहले है।

दक्षिण भारत: केरल से कर्नाटक तक बारिश का जोर

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और लक्षद्वीप में 22-28 मई तक भारी बारिश की चेतावनी है। कोस्टल कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वॉल (तेज हवाओं वाला तूफान) की संभावना है। बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में पहले ही गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो चुकी है।

केरल में भारी बारिश से नदियां उफान पर आ सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

गर्मी और बारिश का दोहरा संकट

इस मौसम परिवर्तन का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। गर्मी से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और सांस की बीमारियां बढ़ीं, तो अब अचानक ठंडी हवाओं और बारिश से वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि तापमान में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए हल्के गर्म कपड़े साथ रखें और पानी ज्यादा पिएं।

कृषि के लिए यह स्थिति मिश्रित है। जहां बारिश से धान, मक्का और सब्जियों की बुआई को फायदा होगा, वहीं तेज हवाएं और ओले फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसान पहले से ही गर्मी से परेशान थे, अब बारिश अगर ज्यादा हुई तो जलभराव की समस्या आ सकती है।

मौसम विभाग की सलाह और तैयारी

IMD और राज्य आपदा प्रबंधन विभागों ने लोगों से अपील की है:

  • खुले में न रहें, खासकर दोपहर और शाम के समय।
  • बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।
  • ड्राइविंग करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
  • पशुधन को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले लोकल अपडेट चेक करें।

जलवायु परिवर्तन और बढ़ते मौसम extremes

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे अचानक मौसम बदलाव जलवायु परिवर्तन के कारण सामान्य होते जा रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से प्री-मानसून गतिविधियां ज्यादा तीव्र हो रही हैं। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में एक ही समय में गर्मी और बारिश का सह-अस्तित्व चुनौती बन गया है।

सरकार को दीर्घकालिक समाधान पर काम करना चाहिए – बेहतर जल प्रबंधन, मजबूत मौसम पूर्वानुमान सिस्टम और किसानों के लिए बीमा योजनाओं का विस्तार।

निष्कर्ष

मौसम का मिजाज बदलना सामान्य है, लेकिन इसकी तीव्रता हमें चेतावनी दे रही है। बिहार से केरल तक फैले इस बारिश-तूफान अलर्ट के बीच हमें सतर्क रहना होगा। घरों में जरूरी सामान स्टॉक रखें, बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें।

मानसून की दस्तक के साथ उम्मीद है कि देश को कुल मिलाकर अच्छी बारिश मिलेगी, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए जरूरी है। लेकिन फिलहाल, IMD के अलर्ट को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।

नोट: मौसम बदलता रहता है, इसलिए नवीनतम अपडेट के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करते रहें।

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