ED की छापेमारी पिनाराई विजयन के घर ED की रेड बेटी की IT कंपनी एक्सालॉजिक पर मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा मामला!

On: May 27, 2026 8:33 AM
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ED की छापेमारी: किसके यहाँ पड़ी रेड, क्या मिला, जानें पूरी खबर

ED की छापेमारी केरल की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और CPM के वरिष्ठ नेता पिनाराई विजयन के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उनकी बेटी वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। 27 मई 2026 को ED की टीमों ने कोच्चि समेत कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

#ED की टीम आज सुबह से ही पिनाराई विजयन के आवास और उनके से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच का हिस्सा है।

ED की छापेमारी: किसके यहाँ पड़ी रेड, क्या मिला, जानें पूरी खबर
ED की छापेमारी: किसके यहाँ पड़ी रेड, क्या मिला, जानें पूरी खबर

ED की छापेमारी: क्या-क्या हुआ?

#ED का आरोप है कि CMRL ने 2017 से 2019 के बीच वीणा विजयन की कंपनी को 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन इसके बदले कोई सॉफ्टवेयर सर्विस या आईटी काम नहीं किया गया। यह राशि फर्जी बिलों के जरिए दी गई मानी जा रही है।

पूरा विवाद क्या है?

यह मामला 2019 में आयकर विभाग की छापेमारी से शुरू हुआ था। आयकर विभाग ने CMRL के ठिकानों पर छापा मारा था, जिसमें यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने बिना किसी वास्तविक काम के एक्सालॉजिक को भारी रकम ट्रांसफर की।

  • ED ने इस मामले में Prevention of Money Laundering Act (PMLA)
  • के तहत मामला दर्ज किया। कल यानी 26 मई 2026 को केरल हाईकोर्ट ने ED की जांच पर रोक लगाने
  • की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि ED को जांच करने का पूरा अधिकार है।

पिनाराई विजयन पर क्या असर?

पिनाराई विजयन वर्तमान में केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। CPM के मजबूत चेहरे माने जाते हैं। ED की यह कार्रवाई उनके परिवार तक पहुंच गई है, जिससे केरल की राजनीति में हड़कंप मच गया है। CPM ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि विपक्षी पार्टियां इसे भ्रष्टाचार का मामला बता रही हैं।

केरल हाईकोर्ट का फैसला क्यों महत्वपूर्ण?

CMRL के MD एस.एन. शशिधरन कार्था ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि:

  • इस मामले में PMLA के तहत कोई अनुसूचित अपराध नहीं बनता
  • SFIO पहले से जांच कर रही है, इसलिए ED की जरूरत नहीं

लेकिन जस्टिस टी.आर. रवि की बेंच ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए ED को आगे जांच करने की छूट दे दी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं!

  • CPM का कहना है कि केंद्र सरकार विपक्षी राज्यों में ED-CBI का दुरुपयोग कर रही है।
  • कांग्रेस और BJP ने पिनाराई सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
  • यह मामला 2026 के बाद केरल विधानसभा चुनाव से पहले आया है, इसलिए इसका राजनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है।

एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस क्या है?

  • वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस एक आईटी फर्म है
  • जो सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्रदान करती है। आरोप है कि यह कंपनी मुख्य
  • रूप से राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके अनुचित लाभ कमाती रही।

आगे क्या हो सकता है?

ED की टीम अब पूछताछ और दस्तावेजों की जांच कर रही है। अगर सबूत मिले तो पिनाराई विजयन और उनके परिवार के सदस्यों पर भी समन जारी हो सकते हैं। यह केस केरल की सियासत को काफी प्रभावित कर सकता है।

ED की इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े नेता भी जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर नहीं हैं। पिनाराई विजयन जैसे दिग्गज नेता पर परिवार के जरिए लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। अब देखना होगा कि केरल की राजनीति इस मामले को कैसे हैंडल करती है।

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