चीन-पाकिस्तान दोस्ती के रिश्ते एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गए हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान को अपना “अटूट और हर मौसम का दोस्त” बताया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ हुई बातचीत में चीन ने दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने का संकेत दिया। इस घटनाक्रम को भारत के नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
हाल ही में हुई बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती समय के साथ और मजबूत हुई है। उन्होंने पाकिस्तान को चीन का “Iron Brother” यानी लोहे जैसा मजबूत दोस्त बताया। चीन ने यह भी कहा कि वह हर परिस्थिति में पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा।

चीन ने पाकिस्तान को दिया बड़ा भरोसा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है। वहीं पाकिस्तान लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और उसे चीन से आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग की जरूरत है।
शहबाज शरीफ और असीम मुनीर की अहम मुलाकात
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने चीन के
- शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, रक्षा, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
- चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजना को लेकर भी दोनों देशों
- ने बातचीत की। चीन इस परियोजना में अरबों डॉलर का निवेश कर चुका है।
- पाकिस्तान इसे अपनी अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानता है।
चीन-पाकिस्तान दोस्ती भारत के लिए क्यों अहम है यह दोस्ती?
- भारत लंबे समय से चीन और पाकिस्तान के बढ़ते संबंधों को लेकर सतर्क रहा है।
- चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)
- से होकर गुजरता है, जिस पर भारत आपत्ति जताता रहा है।
- विशेषज्ञों के अनुसार चीन और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकियां दक्षिण एशिया की र
- णनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं। रक्षा मामलों में भी दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
भारत पहले भी कई बार कह चुका है कि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान की आर्थिक हालत और चीन का समर्थन
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। महंगाई, विदेशी कर्ज और बेरोजगारी जैसी समस्याओं ने देश की स्थिति कमजोर कर दी है। ऐसे समय में चीन पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सहयोगी बनकर सामने आया है।
- चीन ने पाकिस्तान में सड़क, रेलवे, बिजली और बंदरगाह जैसी कई बड़ी परियोजनाओं
- में निवेश किया है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान पर चीन
- का कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे भविष्य में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
रक्षा सहयोग भी बढ़ा
चीन और पाकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं और चीन पाकिस्तान को आधुनिक हथियार और तकनीक भी उपलब्ध कराता है।
हाल ही में पाकिस्तान ने चीन से कई आधुनिक लड़ाकू विमान और रक्षा प्रणाली खरीदी हैं। इससे दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
वैश्विक राजनीति में नई रणनीति
- विशेषज्ञों का कहना है कि चीन एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को
- महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। वहीं पाकिस्तान भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चीन का समर्थन करता रहा है।
- अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन अपने करीबी देशों
- के साथ संबंध मजबूत करने में जुटा है। पाकिस्तान इसमें उसकी प्रमुख रणनीतिक कड़ी माना जाता है।
चीन और पाकिस्तान की दोस्ती एक बार फिर दुनिया के सामने मजबूत रूप में दिखाई दी है। शी जिनपिंग के बयान से साफ है कि चीन पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को और आगे बढ़ाना चाहता है। इसका असर भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
Read More : Vivo S60 Geekbench पर लिस्ट, Snapdragon 8s Gen 3 चिपसेट के साथ जल्द हो सकती है एंट्री







