चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 : चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव 2026 का फैसला आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार सौरभ जोशी ने 18 वोट हासिल कर चंडीगढ़ के नए मेयर बनकर इतिहास रच दिया। यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबला था, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के योगेश ढींगरा को 11 वोट और कांग्रेस के गुरप्रीत सिंह गाबी को सिर्फ 7 वोट मिले। 29 जनवरी 2026 को हुए इस चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की और शहर सुंदर में अपना परचम लहराया।
चुनाव की पृष्ठभूमि और प्रक्रिया!
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं, साथ ही सांसद का एक वोट भी जुड़ता है। मेयर बनने के लिए कम से कम 19 वोट की जरूरत होती है। लेकिन बीजेपी के पास पहले से ही 18 पार्षद थे, और उन्होंने सभी को एकजुट रखा। यह चुनाव 1996 के बाद पहली बार हाथ उठाकर (रेजिंग हैंड्स) वोटिंग से हुआ, जो एक नई प्रक्रिया थी। सुबह 11 बजे वोटिंग शुरू हुई और दोपहर तक परिणाम घोषित हो गए।

- बीजेपी ने सौरभ जोशी को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं AAP ने योगेश ढींगरा और
- कांग्रेस ने गुरप्रीत सिंह गाबी को मैदान में उतारा। चुनाव से पहले कांग्रेस और AAP के
- बीच गठबंधन की अटकलें थीं, लेकिन दोनों दल अलग-अलग लड़े।
- इससे बीजेपी को फायदा हुआ और उन्होंने आसानी से बहुमत हासिल कर लिया।
वोटों का ब्यौरा
- सौरभ जोशी (बीजेपी): 18 वोट (बीजेपी के सभी 18 पार्षदों का समर्थन)
- योगेश ढींगरा (AAP): 11 वोट (AAP के 11 पार्षद)
- गुरप्रीत सिंह गाबी (कांग्रेस): 7 वोट (कांग्रेस के 6 पार्षद + सांसद मनीष तिवारी का वोट)
बीजेपी ने अपने सभी पार्षदों को एकजुट रखा, जबकि विपक्ष में कोई क्रॉस-वोटिंग नहीं हुई। सौरभ जोशी ने जीत के बाद भावुक होते हुए अपने पिता को याद किया और कहा कि यह जीत पार्टी कार्यकर्ताओं और शहरवासियों की मेहनत का नतीजा है।
चंडीगढ़ राजनीति पर असर
- यह जीत बीजेपी के लिए चंडीगढ़ में मजबूत स्थिति का संकेत है। पिछले चुनावों में भी बीजेपी ने मेयर
- पद पर कब्जा जमाया था। AAP और कांग्रेस की अलग-अलग लड़ाई ने उन्हें कमजोर किया।
- अगर दोनों दल गठबंधन करते तो मुकाबला कड़ा हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- यह चुनाव 2022 के नगर निगम चुनावों के बाद का आखिरी मेयर चुनाव था
- और बीजेपी ने इसे जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की।
चुनाव के बाद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए भी वोटिंग हुई। बीजेपी ने इन पदों पर भी उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन मुख्य फोकस मेयर पर रहा।
क्या है सौरभ जोशी का बैकग्राउंड?
सौरभ जोशी बीजेपी के सक्रिय पार्षद हैं और चंडीगढ़ में पार्टी के युवा चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने हर पार्षद से मुलाकात कर समर्थन जुटाया था। उनकी जीत से बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश है और वे शहर के विकास पर फोकस करने की बात कर रहे हैं।
यह चुनाव चंडीगढ़ की राजनीति में बीजेपी की बढ़त दिखाता है, जहां वे लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष को अब अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। शहरवासियों को उम्मीद है कि नए मेयर के नेतृत्व में चंडीगढ़ और बेहतर बनेगा।











