ममता बनर्जी को बड़ा झटका पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की करीबी नेता और बारासात लोकसभा सीट से चार बार की सांसद काकोली घोष दस्तिदार सांसद पद से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। यह खबर TMC के लिए चुनावी हार के बाद एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
25 मई 2026 को सामने आई खबरों के अनुसार, काकोली घोष दस्तिदार ने पहले ही तृणमूल कांग्रेस की जिला पदाधिकारी और महिला मोर्चा के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके बेटे वैद्यनाथ घोष ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनकी मां सांसद पद भी छोड़ सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?
काकोली को तृणमूल कांग्रेस की पुरानी और विश्वसनीय नेताओं में गिना जाता है। उनका यह कदम हालिया लोकसभा चुनावों में TMC की लगातार हार और पार्टी में हो रहे बदलावों के बाद आया है।
ममता बनर्जी को बड़ा झटका इस्तीफे की मुख्य वजहें!
वैद्यनाथ घोष ने इस्तीफे की वजहें साफ बताईं:
- चुनावी हार की जिम्मेदारी: बारासात लोकसभा क्षेत्र की 7 विधानसभा सीटों में से TMC 6 सीटें हार गई।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज: पिछले 5-10 सालों में ममता बनर्जी सरकार में हुए घोटालों का विरोध।
- परिवार की छवि पर असर: पार्थ चटर्जी नौकरी घोटाला, ज्योतिप्रिय मल्लिक राशन घोटाला
- RG Kar अस्पताल कांड आदि ने परिवार की साख को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा, “हम एक पढ़े-लिखे और सम्मानित परिवार से हैं। इतने घोटालों वाली सरकार को और कितने दिन सहा जाए? उंगलियां हम पर भी उठने लगी थीं।”
ममता बनर्जी ने हटाया था पद से
- काकोली घोष दस्तिदार को हाल ही में लोकसभा में TMC की मुख्य सचेतक पद से हटा दिया गया था।
- उनकी जगह कल्याण बनर्जी को नियुक्त किया गया। यह फैसला भी पार्टी की चुनावी हार के बाद लिया गया था।
क्या BJP में जाएंगी काकोली?
- BJP में शामिल होने की अटकलें तेज हैं, लेकिन वैद्यनाथ घोष ने इसे साफ किया कि
- “मुद्दा भाजपा में शामिल होने का नहीं है। मां सिर्फ भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं।”
- खास बात यह है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने काकोली को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है
- जो इस घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाती है।
पश्चिम बंगाल की सियासी स्थिति
यह घटना TMC के लिए मुश्किल समय में आई है। हाल ही में फलता उपचुनाव में TMC को करारी हार मिली। अभिषेक बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच तीखे बयानबाजी ने भी सुर्खियां बटोरीं।
सुवेंदु अधिकारी (विपक्ष के नेता) ने इस घटना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी अब टूटने के कगार पर है।
TMC पर क्या असर पड़ेगा?
- लोकसभा में TMC की संख्या और कमजोर हो सकती है।
- पार्टी के पुराने नेताओं में असंतोष बढ़ सकता है।
- ममता बनर्जी की छवि पर असर पड़ेगा।
- विपक्ष (BJP) को हमला करने का नया मुद्दा मिलेगा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव?
- 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले TMC में यह पहला बड़ा विद्रोह नहीं है।
- पहले भी कई नेता पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हो चुके हैं। अगर काकोली इस्तीफा देती हैं
- तो यह ममता बनर्जी के लिए चेतावनी का संकेत हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में TMC में और बगावत देखने को मिल सकती है। ममता बनर्जी को अब पार्टी को मजबूत करने और पुराने नेताओं को संतुष्ट रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
काकोली घोष दस्तिदार का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस में बढ़ते असंतोष का प्रतीक है। भ्रष्टाचार, चुनावी हार और आंतरिक कलह पार्टी को कमजोर कर रही है। क्या काकोली BJP में शामिल होंगी या स्वतंत्र रूप से राजनीति करेंगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
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