BCCI का सख्त मैसेज कोहली-रोहित को करियर बचाने के लिए खेलना होगा घरेलू क्रिकेट
BCCI का सख्त मैसेज कोहली-रोहित को करियर बचाने के लिए खेलना होगा घरेलू क्रिकेट
कोहली रोहित क्रिकेट करियर : भारतीय क्रिकेट क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुभवी खिलाड़ियों विराट कोहली और रोहित शर्मा को एक सख्त मैसेज दिया है कि अगर वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को जारी रखना चाहते हैं और 2027 के क्रिकेट विश्व कप में खेलने का सपना देखना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रूप से खेलना होगा। BCCI ने यह साफ कर दिया है कि देश के इस दिग्गज बल्लेबाजों के लिए घरेलू टूर्नामेंटों में भाग लेना अब अनिवार्य होगा, ताकि वे मैच फिटनेस बनाए रख सकें और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार रह सकें।
BCCI का सक्त संदेश क्यों?
बीते कुछ समय से विराट कोहली और रोहित शर्मा केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेल रहे हैं। दोनों ने टेस्ट क्रिकेट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया है, जिससे उनकी खेल गतिविधियाँ सीमित हो गई हैं। घरेलू क्रिकेट में खेलने का हटना उनके लिए खतरा बन सकता है क्योंकि मैच फॉर्म में बने रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए जरूरी होता है। पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता और BCCI सचिव संजय जागदेल के अनुसार, नियमित घरेलू क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों को अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी की निपुणता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने खासकर कहा कि विराट और रोहित को घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए ताकि उनकी मैच फॉर्म बरकरार रहे और वे विश्व कप के लिए पूरी तरह फिट रह सकें।

घरेलू क्रिकेट में शामिल होने की आवश्यकता
BCCI के सलाहकार और चयन समिति के चेयरमैन अजित अगरकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ शब्दों में कहा कि जब भी विराट कोहली और रोहित शर्मा उपलब्ध होंगे, उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं जैसे विजय हजारे ट्रॉफी में भाग लेना होगा। यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के हित में भी है क्योंकि घरेलू क्रिकेट उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल और मैच प्रैक्टिस देता है।
- कोहली और रोहित जैसे शीर्ष खिलाड़ी जब नियमित घरेलू टूनामेंट खेलेंगे तो उनको नई पीढ़ी
- के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी धार और तल्खी बनी रहेगी।
- इससे सिर्फ उनका प्रदर्शन ही नहीं सुधरेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भी लाभ मिलेगा
- क्योंकि टीम इंडिया के बल्लेबाजी की मजबूती इनपर ही निर्भर करती है।
फिटनेस और फॉर्म बनाए रखने में घरेलू क्रिकेट का महत्व
- प्रभारी चयनकर्ता अजित अगरकर और पूर्व चयनकर्ता संजय जागदेल दोनों मानते हैं
- कि वनडे क्रिकेट में केवल कुछ मैच ही खेलने के कारण विराट और रोहित अपनी फिटनेस और
- फॉर्म को बनाए रखने में दिक्कत महसूस कर सकते हैं। मैच अभ्यास के अभाव में खिलाड़ी का खेल ठिठक सकता है
- जैसा कि हमने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कुछ विदेशी खिलाड़ियों के साथ देखा है।
- इस तरह की स्थिति से बचने के लिए घरेलू क्रिकेट जरूरी है। यह खिलाड़ियों के लिए मानसिक
- रूप से भी प्रोत्साहन देता है और उन्हें अपनी रणनीतियों को निखारने का मौका मिलता है।
- खासकर 2027 विश्व कप जैसे बड़े इवेंट से पहले नियमित मैच खेलने की प्रैक्टिस बेहद जरूरी है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा की चुनौती
- कोहली और रोहित, जो भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े नाम हैं, फिलहाल 30 के दशक के अंत में हैं।
- उम्र के इस पड़ाव पर खेल कोटि का सुधार, निरंतर फॉर्म, और फिटनेस बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।
- BCCI ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी खिलाड़ी जब भी मैदान पर उतरता है, वह पूरी तैयारी और फॉर्म में होना चाहिए।
- ऐसे में विराट और रोहित के लिए घरेलू क्रिकेट में उतरना सिर्फ जरूरी नहीं बल्कि उनकी करियर की
- सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य होगा। अगर वे इस दिशा में कदम नहीं उठाएंगे, तो भविष्य में टीम में उनकी जगह चुनौती में आ सकती है।
आगामी क्रिकेट सत्र के लिए संकेत
- BCCI ने हाल ही में घोषित किया है कि आगामी समय में विराट कोहली और रोहित शर्मा
- को घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हर प्रतियोगिता में उनकी उपस्थिति आवश्यक होगी
- जब वे अंतरराष्ट्रीय या आईपीएल की प्रतिबद्धताओं में व्यस्त नहीं होंगे।
यह कदम BCCI के क्रिकेट विकास रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद देश के दिग्गज खिलाड़ियों को उनकी शीर्ष क्षमता पर बनाए रखना है, जिससे टीम इंडिया का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो।