शिवमोग्गा न्यूज : कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। होसानगर तालुक के अरसालु-सुदुरु इलाके में मंगलवार रात (27 जनवरी 2026) देर रात एक प्राइवेट नॉन-एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। बस में सवार 36 यात्री किसी तरह बाल-बाल बच निकले, लेकिन इस हादसे में 6 लोग घायल हो गए। पूरी बस धू-धू कर जलकर राख हो गई। यह घटना होसानगर से बेंगलुरु जा रही बस के साथ हुई, जिसने यात्रियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी।
हादसा कैसे हुआ पूरी घटना
बस होसानगर से शिवमोग्गा होते हुए बेंगलुरु की ओर जा रही थी। रात करीब 10:30 बजे सुदुरु के पास ड्राइवर के केबिन में अचानक धुआं दिखाई दिया। ड्राइवर घबरा गए और बस को सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा दिया। टक्कर के बाद आग और तेज हो गई, जिससे बस पूरी तरह जलने लगी। यात्रियों ने बताया कि धुआं देखते ही अफरा-तफरी मच गई। अधिकांश यात्री अभी सो नहीं रहे थे, जिससे उन्होंने इमरजेंसी एग्जिट और खिड़कियां खोलकर कूदकर अपनी जान बचाई।

- पुलिस अधिकारी ने कहा, “सभी यात्री सुरक्षित हैं। ड्राइवर सहित 6 लोग घायल हुए हैं
- जिनमें कुछ की चोटें मामूली हैं और कुछ गंभीर। सभी का इलाज चल रहा है।
- ” क्योंकि बस नॉन-एसी थी, इसलिए यात्री जल्दी बाहर निकल पाए।
- अगर एसी बस होती तो स्थिति और खराब हो सकती थी। स्थानीय लोग और गुजर रही
- गाड़ियों के ड्राइवरों ने भी राहत कार्य में मदद की।
घायलों की स्थिति और बचाव कार्य
- घायलों में ड्राइवर और कंडक्टर प्रमुख हैं। तीन लोगों को जलने की वजह से गंभीर चोटें आईं
- जबकि बाकी को चोटें और खरोंच आईं। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- आग इतनी तेज थी कि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। फायर ब्रिगेड पहुंचने
- से पहले ही आग ने बस को अपनी चपेट में ले लिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, रिपोंपेट पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। आरटीओ को हादसे की पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आग का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट या मैकेनिकल फॉल्ट की आशंका जताई जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
- यह हादसा कर्नाटक में हाल के महीनों में बसों में आग लगने की कई घटनाओं की कड़ी है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों की कमी चिंता का विषय है।
- इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्विशर और नियमित जांच की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
- यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि रात की यात्रा में सतर्क रहें
- और इमरजेंसी एग्जिट की लोकेशन पहले से जान लें।
यह घटना याद दिलाती है कि सड़क हादसों में समय पर प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। ड्राइवर की मौजूदगी और यात्रियों की सतर्कता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया। उम्मीद है कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर प्राइवेट बसों की सख्त जांच करेगा।










