दुलारचंद मर्डर केस बिहार : बिहार के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुए दुलारचंद यादव मर्डर केस ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक रंग को गहरा कर दिया है। जन सुराज पार्टी के नेता दुलारचंद यादव की हत्या ने न सिर्फ स्थानीय इलाके में तनाव बढ़ाया है, बल्कि यह मामला चुनाव और सियासत का भी बड़ा बवाल बन गया है। इस ब्लॉक पोस्ट में इस हत्याकांड के घटनाक्रम, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जांच तथा राजनीतिक विवाद को विस्तार से समझेंगे।
दुलारचंद यादव कौन थे?
#दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के सक्रिय सदस्य और मोकामा क्षेत्र में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार में लगे थे। वह इलाके में अपने राजनीतिक असर के लिए जाने जाते थे और स्थानीय जन मानस में उनकी अच्छी छवि थी। उनकी हत्या से क्षेत्र में भारी सदमे की स्थिति बनी और चुनावी माहौल काफी गर्मा गया।

हत्या का घटनाक्रम
गुरुवार को मोकामा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव पर हमला हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दुलारचंद को गोली मारी गई, जिसके बाद उन पर कुचलने की भी घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, उन्हें पैर में गोली लगी और बाद में गाड़ी से कुचल दिया गया, जिससे मौके पर उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और अफरा-तफरी मच गई। अगली सुबह बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में 29 घंटे बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ भी हिंसा और पत्थरबाजी हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
- पोस्टमार्टम के बाद तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने बड़ा खुलासा किया कि दुलारचंद यादव की मौत
- बुखारल वाली गोली से नहीं हुई। डॉ. अजय कुमार ने कहा कि पैर की एड़ी में लगी गोली जानलेवा नहीं थी,
- बल्कि मौत की वजह गाड़ी से कुचलना और पिटाई से मिली चोटें थीं। यह रिपोर्ट मामले का अहम मोड़
- साबित हुई, जिससे कई राजनीतिक दावों और अटकलों को नया आयाम मिला।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर
- हत्या मामले में मोकामा पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज की। दुलारचंद के पोते की शिकायत पर पांच लोगों के
- खिलाफ हत्या का केस दर्ज हुआ है, जिनमें जनता दल (यू) के कद्दावर नेता और मोकामा से उम्मीदवार अनंत सिंह
- भी शामिल हैं। पुलिस ने कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है और घटना के संदिग्धों की पहचान के लिए
- वीडियो फुटेज, गवाहों और सबूतों की जांच तेज़ कर दी है।
- अनंत सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को साजिश बताया है और विरोधी दलों पर आरोप लगाए हैं।
- इस तरह हत्या के राजनीतिक कारण और आरोप-प्रत्यारोप की एक लंबी कड़ी शुरू हो गई है।
सियासी प्रतिक्रियाएं और चुनावी माहौल
- दुलारचंद यादव की हत्या ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक लड़ाई को कई गुना तेज कर दिया।
- विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इस हत्या को कानून व्यवस्था की विफलता करार दिया और चुनाव आयोग को मामले
- में कड़ी कार्रवाई करने की सलाह दी। वहीं, जदयू और अन्य दल एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
- इस मामले ने मोकामा और आसपास के इलाकों में चुनाव प्रचार को भी प्रभावित किया है
- जहां तनाव और हिंसक झड़पें सामान्य होती जा रही हैं।
बाढ़ से जुड़े बवाल और अंतिम संस्कार में हिंसा
मोकामा से बाढ़ घाट तक दुलारचंद यादव की अंतिम यात्रा के दौरान भारी हिंसा हुई। पत्थरबाजी और गोलीबारी ने पूरे इलाके को दहलाकर रख दिया। पुलिस को भारी फोर्स के साथ इलाके में तैनात रहना पड़ा। हिंसा ने यह संकेत दिया कि राजनीतिक तनाव कितने प्रबल हैं और हत्या का मामला किस हद तक बढ़ सकता है।
- दुलारचंद यादव मर्डर केस बिहार की राजनीति में एक संवेदनशील और पेचीदा मामला बन गया है।
- मेडिकल रिपोर्ट और फेसबुकियों के बाद मामले की जांच पूरी लगन से चल रही है।
- सभी राजनीतिक दल इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ा है।
- चुनाव आयोग, पुलिस और प्रशासन को इस हत्याकांड की निष्पक्ष और शीघ्र जांच करनी होगी
- ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
यह मामला बताते हैं कि बिहार की राजनीति में बाहुबली और अपराध का गहरा जड़ा हुआ संबंध है। दुलारचंद यादव की हत्या के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सियासी बवाल अभी जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई से ही मामला निश्चित दिशा में जाएगा।










