अग्निवीर भर्ती नियम भारतीय सेना की अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में भारी उत्सुकता और भ्रम दोनों हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक नोटिस वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि अब आर्मी में 25% की बजाय 75-80% अग्निवीरों को परमानेंट (स्थायी) नौकरी मिलेगी। लेकिन केंद्र सरकार और पीआईबी फैक्ट चेक ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी बता दिया है।

क्या है वायरल फर्जी नोटिस में दावा?
सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी नोटिस में ये मुख्य दावे किए गए थे:
- अग्निवीरों में से 75% से 80% को स्थायी रूप से सेना में शामिल किया जाएगा।
- सेवा निधि पैकेज को 12 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
- ये नए नियम 1 जून 2026 से लागू हो गए हैं।
सरकार का स्पष्ट जवाब: भारतीय सेना या केंद्र सरकार की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है। यह पूरी तरह मनगढ़ंत और फर्जी है। PIB Fact Check ने साफ कहा है कि अग्निपथ योजना के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अग्निपथ योजना के वर्तमान नियम क्या हैं?
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की 4 साल के लिए भर्ती की जाती है।
- 4 साल पूरा होने के बाद केवल 25% अग्निवीरों को स्थायी (परमानेंट) कैडर में शामिल किया जाता है।
- बाकी 75% अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज लेकर घर भेज दिया जाता है।
सेवा निधि पैकेज: 4 साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को करीब ₹11.71 लाख (ब्याज सहित) मिलते हैं। इसे 25 लाख करने का दावा भी पूरी तरह गलत है।
अग्निवीर भर्ती नियम अग्निवीरों को मिलने वाली सुविधाएं!
- सैलरी: पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹33,000, तीसरे साल ₹36,500 और चौथे साल ₹40,000 प्रति माह।
- सैलरी से 30% सेवानिधि फंड में कटता है, जिसमें सरकार बराबर का योगदान देती है।
- 4 साल की ट्रेनिंग के दौरान ₹48 लाख का मेडिकल इंश्योरेंस।
- सालाना 30 छुट्टियां + सिक लीव (डॉक्टर की सलाह पर)।
- सीएसडी कैंटीन और आर्मी अस्पतालों की सुविधा।
- ध्यान दें: अग्निवीर ग्रेजुएट नहीं माने जाते।
अग्निवीर भर्ती 2026 की स्थिति!
भारतीय सेना अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) 1 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित कर रही है। भर्ती विभिन्न श्रेणियों में हो रही है:
- अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD)
- अग्निवीर तकनीकी
- अग्निवीर क्लर्क / स्टोर कीपर
- अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं और 8वीं पास)
युवाओं से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ही भरोसा करें और फर्जी अफवाहों से बचें।
क्यों फैल रही हैं फर्जी खबरें?
- अग्निपथ योजना शुरू होने से ही विवादों में रही है। युवा स्थायी नौकरी की उम्मीद रखते हैं
- इसलिए 80% परमानेंट जैसी अफवाहें तेजी से वायरल हो जाती हैं।
- सरकार का कहना है कि ऐसे फर्जी नोटिस युवाओं को गुमराह करते हैं और भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
सलाह: कोई भी नई घोषणा या बदलाव के लिए आर्मी की ऑफिशियल वेबसाइट, PIB या रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक स्रोतों को ही फॉलो करें। सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी नोटिस को तुरंत विश्वास न करें।
अभी तक अग्निपथ योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 25% ही अग्निवीर स्थायी होंगे, बाकी को सेवा निधि पैकेज के साथ विदा किया जाएगा। जो युवा अग्निवीर बनना चाहते हैं, उन्हें सही जानकारी के साथ तैयारी करनी चाहिए। फर्जी खबरों से बचकर आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करें।












