झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 झारखंड की राजनीति में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर जोरदार घमासान छिड़ा हुआ है। JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) की एक सीट लगभग पक्की मानी जा रही है, लेकिन दूसरी सीट पर कांग्रेस और BJP के बीच कड़ी टक्कर है। 18 जून 2026 को होने वाले चुनाव में झारखंड की दोनों खाली सीटों पर नजरें टिकी हुई हैं।
ये दोनों सीटें पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन और दीपक प्रकाश के कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई हैं।

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 का पूरा समीकरण
#झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 28 वोट जरूरी हैं।
- JMM के पास 34 विधायक हैं। इसलिए JMM की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है।
- कांग्रेस के पास अकेले पर्याप्त संख्या नहीं है। उसे JMM के अतिरिक्त 6 विधायकों, RJD के 4 और भाकपा माले के 2 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी।
- अगर ये सभी इंडिया गठबंधन के पक्ष में वोट करते हैं तो कांग्रेस की एक सीट पक्की हो सकती है।
BJP का दावा और रणनीति
BJP भी दूसरी सीट पर दावा ठोक रही है। BJP के पास 21 विधायक हैं। अगर JDU, आजसू और LOJP के 1-1 विधायक साथ दें तो कुल 24 हो जाते हैं। BJP को सिर्फ 4 और वोटों की जरूरत है।
- पार्टी क्रॉस वोटिंग की उम्मीद कर रही है। अगर JMM या गठबंधन के कुछ विधायक BJP के पक्ष
- में वोट कर दें तो BJP को फायदा हो सकता है। हालांकि, इसकी संभावना कम बताई जा रही है।
कांग्रेस को क्यों करनी पड़ रही है मशक्कत?
INDIA गठबंधन में JMM और कांग्रेस के बीच पहले काफी मंथन हुआ। आखिरकार तय हुआ कि दोनों पार्टियां एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगी। JMM की सीट आसान है, लेकिन कांग्रेस को अपने वोट बैंक को एकजुट रखने और क्रॉस वोटिंग रोकने की चुनौती है।
BJP प्रदेश अध्यक्ष की दिल्ली यात्रा
- BJP प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह दिल्ली से लौटे हैं।
- राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर तीन नए नामों पर चर्चा हुई है।
- पार्टी संगठन के उन नेताओं को टिकट देने की तैयारी कर रही है जो चुनावी राजनीति से दूर रहे हैं।
क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- JMM की पहली सीट पर कोई टक्कर नहीं है।
- दूसरी सीट पर कांग्रेस को JMM, RJD और भाकपा माले के पूरे समर्थन की जरूरत है।
- अगर गठबंधन में कोई दरार आई तो BJP फायदा उठा सकती है।
- झारखंड में INDIA गठबंधन की मजबूती इस चुनाव में परखी जाएगी।
राज्यसभा चुनाव का महत्व
ये चुनाव सिर्फ दो सीटों तक सीमित नहीं हैं। इससे:
- झारखंड में सत्ताधारी गठबंधन की एकता पर असर पड़ेगा।
- 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार होगी।
- ऊपरी सदन में पार्टियों की ताकत बढ़ेगी या घटेगी।
आगे क्या हो सकता है?
18 जून को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया और प्रत्याशियों की घोषणा जल्द होने वाली है। कांग्रेस को अपने सहयोगी दलों के विधायकों को संभालना होगा, जबकि BJP विपक्षी वोटों में सेंध लगाने की कोशिश करेगी।
झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 JMM के लिए आसान है, लेकिन कांग्रेस और BJP के बीच दूसरी सीट की लड़ाई रोचक होने वाली है। गठबंधन की एकता और क्रॉस वोटिंग इस चुनाव का फैसला करेंगे। सभी की निगाहें अब प्रत्याशियों के नाम और अंतिम समीकरण पर टिकी हुई हैं।







