सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट को दी बड़ी राहत! एशियन गेम्स ट्रायल्स में हिस्सा ले सकेंगी!

On: May 29, 2026 2:33 PM
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सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट

सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती की स्टार विनेश फोगाट के लिए खुशखबरी! सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को Wrestling Federation of India (WFI) की याचिका खारिज कर दी और विनेश को एशियन गेम्स 2026 के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लेने की पूरी इजाजत दे दी है। ट्रायल्स 30-31 मई को नई दिल्ली में होने वाले हैं।

यह फैसला विनेश फोगाट के करियर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर पेरिस ओलंपिक 2024 के विवाद के बाद उनके कमबैक को नई दिशा मिली है।

सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट
सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट को दी बड़ी राहत, एशियन गेम्स ट्रायल्स में लेंगी हिस्सा

सुप्रीम कोर्ट विनेश फोगाट क्या था पूरा मामला?

विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक में 50 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल से पहले वजन बढ़ने के कारण डिस्क्वालीफाई हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने मातृत्व का सफर चुना और जुलाई 2025 में बच्चे को जन्म दिया। कमबैक की तैयारी में वे एशियन गेम्स ट्रायल्स के लिए तैयार थीं।

WFI ने विनेश को ट्रायल्स से बाहर रखने का फैसला लिया था और उन्हें शो-कॉज नोटिस भी जारी किया। WFI का कहना था कि विनेश एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा नहीं करतीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को WFI के फैसले पर रोक लगाते हुए विनेश को ट्रायल्स में शामिल होने की अनुमति दी थी।

WFI ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच ने WFI की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने विनेश की उपलब्धियों को सराहा और कहा कि मातृत्व को एथलीट्स के खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण टिप्पणी

कोर्ट ने साफ कहा:

  • मातृत्व किसी महिला एथलीट का अधिकार है, इसे सिलेक्शन में बाधा नहीं बनाया जाना चाहिए।
  • विनेश फोगाट ने देश के लिए कई मेडल जीते हैं, उनका योगदान सराहनीय है।
  • देशहित को प्राथमिकता दें।

कोर्ट ने अगली सुनवाई 1 जून को तय की है, लेकिन फिलहाल विनेश ट्रायल्स में हिस्सा ले सकेंगी।

विनेश फोगाट की उपलब्धियां!

  • 2018 एशियन गेम्स – गोल्ड मेडल
  • कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड
  • विश्व चैंपियनशिप में मेडल
  • पेरिस ओलंपिक 2024 में स्ट्रॉन्ग कमबैक (डिस्क्वालीफाई होने से पहले)

विनेश भारत की पहली महिला पहलवान हैं जिन्होंने ओलंपिक में दो बार क्वार्टरफाइनल पहुंचने का कारनामा किया।

WFI vs विनेश विवाद

यह पहली बार नहीं है जब WFI और विनेश के बीच टकराव हुआ हो। 2023 में पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भी विनेश अग्रिम पंक्ति में थीं। WFI पर आरोप लगते रहे हैं कि वह खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी करती है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने भी WFI की नीतियों की आलोचना की थी और कहा था कि motherhood-based exclusion उचित नहीं है।

एशियन गेम्स 2026 के बारे में

एशियन गेम्स 2026 जापान के नागोया में सितंबर में होने वाले हैं। भारतीय कुश्ती टीम के लिए यह बड़ा मौका है। विनेश अगर ट्रायल्स में अच्छा प्रदर्शन करती हैं तो नागोया में देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।

महिला पहलवानों के लिए मिसाल

यह फैसला सिर्फ विनेश के लिए नहीं बल्कि सभी महिला एथलीट्स के लिए बड़ा संदेश है। मां बनने के बाद भी करियर जारी रखना संभव है। कई महिला खिलाड़ी (जैसे पीवी सिंधु, मैरी कॉम आदि) मातृत्व के बाद सफल कमबैक कर चुकी हैं।

सलाह युवा पहलवानों के लिए:

  • नियमित ट्रेनिंग और डाइट पर फोकस करें
  • कानूनी मदद लेने से न घबराएं
  • मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्याय की जीत है। विनेश फोगाट अब बिना किसी बाधा के 30-31 मई के ट्रायल्स में अपनी किस्मत आजमा सकेंगी। पूरा देश उनकी सफलता की कामना कर रहा है। अगर विनेश एशियन गेम्स में मेडल जीतती हैं तो यह उनका करियर का सबसे बड़ा कमबैक होगा।

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