मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रालयों का पूरा रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया। साल 2025 के प्रदर्शन के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट में कुछ मंत्रालयों ने शानदार काम किया, जबकि कुछ को सुधार की जरूरत बताई गई। इस बैठक में पीएम मोदी ने मंत्रियों को फिजूलखर्ची बंद करने, वीआईपी कल्चर छोड़ने और परफॉर्मेंस बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट सचिवालय द्वारा तैयार किए गए नए असेसमेंट सिस्टम में उपभोक्ता मामले मंत्रालय और कोयला मंत्रालय को सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों में शामिल किया गया।

मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड में कौन रहा बेस्ट?
- उपभोक्ता मामले मंत्रालय: जन शिकायत निवारण, फाइल निपटान और आम जनता की समस्याओं को तेजी से सुलझाने में टॉप पर रहा।
- कोयला मंत्रालय: उत्पादन बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा और संकट प्रबंधन में बेहतरीन काम किया।
कुछ अन्य मंत्रालय जैसे स्वास्थ्य और ऊर्जा भी विभिन्न श्रेणियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप मंत्रालयों में शामिल रहे।
मूल्यांकन के आधार क्या थे?
मंत्रालयों को निम्नलिखित पैमानों पर परखा गया:
- जन शिकायत निवारण की गति और प्रभावशीलता
- फाइलों का तेज निपटान
- संकट की स्थिति में सक्रियता
- योजनाओं का ग्राउंड लेवल पर क्रियान्वयन
- नागरिकों के लिए सेवाओं को आसान बनाना
- बजट उपयोग की दक्षता
कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने विस्तृत स्कोरकार्ड प्रस्तुत किया। नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने भी इस बैठक में भाग लिया।
पीएम मोदी के सख्त निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट चेतावनी दी:
- विदेशी दौरों पर लगाम: सिर्फ बेहद जरूरी मामलों में ही विदेश यात्रा करें।
- बड़े काफिले बंद: मंत्रियों के साथ चलने वाले बड़े वाहन काफिलों को छोटा करें।
- अंतरराष्ट्रीय समिट टालें: फिजूलखर्ची रोकने के लिए कई बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स
- (जैसे अफ्रीका समिट और बिग कैट एलायंस) फिलहाल स्थगित कर दिए गए।
- खर्चों पर नियंत्रण: सरकारी पैसा विकास कार्यों पर खर्च हो, न कि दिखावे पर।
- ऊर्जा सुरक्षा: पश्चिम एशिया के तनाव को देखते हुए बायोगैस और नवीकरणीय ऊर्जा पर ज्यादा फोकस करें।
आम जनता के लिए इसका मतलब
यह रिपोर्ट कार्ड सिस्टम सरकारी नौकरशाही को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आम लोगों को उम्मीद है कि अब:
- शिकायतें तेजी से सुलझेंगी
- फाइलें दफ्तरों में नहीं अटकेंगी
- योजनाओं का लाभ बिना भ्रष्टाचार के पहुंचेगा
- टैक्सपेयर्स का पैसा बचकर विकास कार्यों में लगेगा
विपक्ष की प्रतिक्रिया!
विपक्षी दलों ने कहा कि रिपोर्ट कार्ड सिर्फ दिखावा है। उन्होंने दावा किया कि कई मंत्रालयों में अभी भी सुधार की बहुत गुंजाइश है, खासकर बेरोजगारी, महंगाई और किसान मुद्दों पर।
मोदी सरकार का यह नया मूल्यांकन सिस्टम मंत्रियों और अधिकारियों को परफॉर्मेंस के आधार पर काम करने के लिए प्रेरित करेगा। पीएम मोदी का फोकस “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” पर साफ दिख रहा है। अब देखना यह होगा कि अगले रिपोर्ट कार्ड में कितने मंत्रालय अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाते हैं।










