पालक रजक दहेज मौत मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक और दहेज प्रताड़ना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मात्र 21 साल की पालक रजक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी को едва एक साल ही हुआ था। परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग कर रहे थे और प्रताड़ना के चलते यह हत्या है, जबकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है। पलक ने मौत से ठीक पहले अपनी मां को बताया था- “वो मेरे लिए पंखा टांग रहे हैं… 3 दिन से खाना नहीं खाया।”

पालक रजक दहेज मौत शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
#पालक रजक की शादी 14 अप्रैल 2025 को अमित रजक से हुई थी। मुरार थाना क्षेत्र के सुरैयापुरा में ससुराल थी। परिवार ने शादी में भरपूर दान-दहेज दिया- 2 लाख की ब्रेजा कार, 3 लाख का फर्नीचर, 2.5 लाख नकद, 10 तोला सोना और आधा किलो चांदी। इसके बावजूद ससुराल वाले ब्रेजा कार की ही मांग करते रहे और स्त्रीधन भी रोक लिया।
- पालक की मां सीमा ने बताया कि बेटी बार-बार फोन करके अपनी परेशानी बताती थी।
- ससुराल वाले झगड़ा करते, मारपीट करते और ताने मारते। 12 मई 2026 की रात पलक
- ने मां को फोन करके रोते हुए कहा, “मां, वो मेरे लिए पंखा टांग रहे हैं। 3 दिन से कुछ नहीं खाया।
- परिवार संबंध बिगड़ने के डर से पहले शिकायत नहीं कर पाया, लेकिन अब न्याय की मांग कर रहा है।
#पालक के पिता मोहर सिंह ने कहा कि बेटी को लगातार परेशान किया जाता था। पति अमित (एयरफोर्स में आउटसोर्स कर्मचारी), सास और देवर सब मिलकर दहेज के लिए तंग करते थे। ससुर सरकारी कर्मचारी हैं, फिर भी लालच खत्म नहीं हुआ।
मौत से 20 मिनट पहले पिता को फोन
- कई रिपोर्ट्स के अनुसार पलक ने पिता को भी फोन करके “पापा मुझे बचा लो” या “ये लोग मुझे मार डालेंगे
- कहा। फोन कटने के करीब 20 मिनट बाद ही मौत की खबर आ गई।
- 12 मई को शाम करीब 8:45 बजे घटना हुई। पलक को पहले मुरार अस्पताल ले जाया गया
- फिर बिरला अस्पताल शिफ्ट किया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एमएलसी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। एसपी सिटी अतुल कुमार सोनी ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है। दहेज मौत का केस दर्ज होने की संभावना है। परिवार फॉरेंसिक जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
पलक कौन थी? सोशल मीडिया पर एक्टिव
- पालक सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थी। इंस्टाग्राम पर रील्स बनाती थी
- और फॉलोअर्स के बीच लोकप्रिय थी। उसकी आखिरी रील्स और पोस्ट्स में दर्द झलकता है।
- कई लोग इसे ट्विशा शर्मा मामले से जोड़कर देख रहे हैं, जहां भी नवविवाहिता की मौत ने सनसनी फैलाई थी।
दहेज प्रथा: समाज के लिए कलंक
- यह घटना फिर याद दिलाती है कि दहेज प्रथा अभी भी भारतीय समाज में जड़ें जमाए हुए है।
- कानून होने के बावजूद लड़कियां प्रताड़ना सहती हैं। दहेज निषेध अधिनियम के
- तहत सख्त सजा का प्रावधान है, लेकिन जागरूकता और तेज कार्रवाई की जरूरत है।
सरकार और समाज को क्या करना चाहिए?
- लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाना
- दहेज विरोधी अभियान तेज करना
- पुलिस को संवेदनशील बनाना
- परिवारों को बेटी की शिकायत पर तुरंत एक्शन लेना
पालक जैसी घटनाएं रोकने के लिए हर स्तर पर प्रयास जरूरी हैं।
परिवार की गुहार
पालक का परिवार न्याय चाहता है। उन्होंने कहा- “मारने के बजाय उसे हमारे पास वापस भेज देते।” अब सवाल यह है कि क्या पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी? क्या ससुराल वालों पर हत्या का केस दर्ज होगा? जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।
पालक रजक की मौत एक और उदाहरण है कि दहेज लालच कितना खतरनाक हो सकता है। बेटियां मां-बाप की आंखों की पुतली होती हैं। उन्हें ससुराल में सम्मान और प्यार मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना। समाज को इस कलंक से मुक्त होना होगा।
हम पलक रजक को श्रद्धांजलि देते हैं और परिवार के साथ न्याय की मांग करते हैं। ऐसी घटनाओं पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।







