असम पुलिस असम राजनीति में तूफान मचा हुआ है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी पर कथित विवादास्पद टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की 8 घंटे की पूछताछ के बाद अब असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को समन जारी कर दिया है। यह घटनाक्रम कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग को और तीखा बना रहा है।
विवाद की शुरुआत कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें उन्होंने असम मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की पत्नी को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। इन बयानों को लेकर असम में शिकायत दर्ज हुई और क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर लिया।

असम पुलिस पूरा मामला क्या है? (Himanta Wife Case Explained)
पवन खेड़ा को गुवाहाटी बुलाया गया, जहां उनसे लगभग 8 घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान खेड़ा ने कई महत्वपूर्ण बातें बताईं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अब उसी जांच के सिलसिले में रणदीप सुरजेवाला को 23 मई 2026 को गुवाहाटी में क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया है।
- यह मामला अब सिर्फ असम तक सीमित नहीं रहा है। यह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है
- और कांग्रेस-भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
क्यों भेजा गया सुरजेवाला को समन?
सूत्रों के अनुसार, पवन खेड़ा से हुई पूछताछ में जो जानकारी सामने आई, उसी के आधार पर सुरजेवाला को तलब किया गया है। असम पुलिस इस पूरे विवाद से जुड़े अन्य बयानों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और नैरेटिव की भी गहराई से जांच कर रही है।
- रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के प्रमुख चेहरे हैं और पार्टी की रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- उनका समन होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस का कहना है
- कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध है, जबकि भाजपा इसे कानून की प्रक्रिया बताकर समर्थन कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं!
- कांग्रेस का पक्ष: पार्टी का आरोप है कि असम की भाजपा सरकार विपक्ष को दबाने
- के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। पवन खेड़ा के बाद सुरजेवाला को समन
- भेजना इसी सिलसिले की कड़ी है। कांग्रेस ने कहा कि वह इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
- भाजपा का पक्ष: भाजपा ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता हो, कानून से ऊपर नहीं है। महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े मामले में जवाबदेही जरूरी है।
यह विवाद असम विधानसभा चुनाव के बाद का है, जहां हिमंत विश्व शर्मा की अगुवाई वाली भाजपा सरकार मजबूत स्थिति में है।
क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ?
- राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है।
- यह असम में विपक्ष को कमजोर करने और भाजपा की छवि को मजबूत
- करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वहीं, कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है।
- सोशल मीडिया पर भी इस खबर ने तेजी से चर्चा बटोरी है।
- #HimantaWifeCase, #RandeepSurjewalaSummon, #PawanKhera जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
- 23 मई को रणदीप सुरजेवाला गुवाहाटी पहुंचेंगे या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
- अगर वह पेश होते हैं तो पूछताछ में क्या खुलासे होते हैं, यह पूरे मामले की दिशा तय करेगा।
- असम पुलिस की क्राइम ब्रांच इस केस की जांच को और विस्तार दे रही है।
- संभावना है कि अन्य कांग्रेस नेताओं को भी आगे समन भेजे जा सकते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम भारतीय राजनीति में बढ़ती तीखी बहस और पुलिस-राजनीति के गठजोड़ को दर्शाता है। पवन खेड़ा के बाद रणदीप सुरजेवाला का समन कांग्रेस के लिए चुनौती है, जबकि भाजपा इसे कानून का पालन बता रही है।
देश भर के राजनीतिक गलियारों में इस खबर की चर्चा गरम है। क्या कांग्रेस इस मामले में मजबूती से खड़ी रह पाएगी या असम पुलिस की जांच और गहरी होगी? समय ही बताएगा।







