कोलकाता पार्क सर्कस हिंसा कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में रविवार को भारी हिंसा भड़क गई। सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक और अतिक्रमण हटाने के अभियान के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया। इस घटना में 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि बंगाल में अब पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोलकाता पार्क सर्कस हिंसा क्या है पूरा मामला?
19 मई 2026 को पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। सरकार द्वारा हाल में लिए गए फैसलों का विरोध करते हुए प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी।
सरकार के मुख्य फैसले:
- सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथ पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी
- अजान और कुर्बानी को लेकर नई गाइडलाइंस
- पूरे राज्य में अतिक्रमण हटाओ अभियान
जब पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की तो स्थिति बिगड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
शुभेंदु अधिकारी का सख्त रुख
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल पुलिसवालों से मुलाकात की और उपद्रवियों को चेतावनी दी:
“पत्थरबाजी कश्मीर में खत्म हो चुकी है, अब बंगाल में भी बर्दाश्त नहीं होगी। एसी में बैठकर तमाशा नहीं देखा जाएगा।”
- शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र से 40 अतिरिक्त पैरामिलिट्री कंपनियों की मांग की है।
- उन्होंने कहा कि धार्मिक नारों की आड़ में गुंडागर्दी अब बंगाल में नहीं चलेगी।
TMC का पलटवार
- तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए शुभेंदु सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
- ममता बनर्जी ने इसे “बुलडोजर राजनीति” बताया और कहा कि बंगाल में यह संस्कृति नहीं चलेगी।
वर्तमान स्थिति
- पार्क सर्कस और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात
- फ्लैग मार्च जारी
- गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों पर हिंसा, सरकारी संपत्ति क्षति और पुलिस पर हमले के मामले दर्ज
बंगाल में नई सरकार की पहली बड़ी परीक्षा
- यह घटना शुभेंदु अधिकारी सरकार के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने की पहली बड़ी चुनौती बन गई है।
- सरकार का साफ संदेश है कि अतिक्रमण और ट्रैफिक बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे कोई भी इसका विरोध करे।
- विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को सख्ती के साथ-साथ सांप्रदायिक संवेदनशीलता
- का भी ध्यान रखना होगा ताकि स्थिति और न बिगड़े।
पार्क सर्कस हिंसा ने पूरे पश्चिम बंगाल में सनसनी फैला दी है। अब देखना होगा कि नई सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है और बंगाल में शांति व्यवस्था कायम करने में सफल होती है या नहीं।







