रहमानुल्लाह लकनवाल व्हाइट हाउस गोलीबारी खतरनाक इरादा अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह लकनवाल ने व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड जवानों पर गोलीबारी की, जिसमें दो जवान गंभीर रूप से घायल हुए। FBI इसे संभावित आतंकवादी हमला मान रही है, और ट्रंप ने हमलावर को कड़ी सजा देने की चेतावनी दी है।
रहमानुल्लाह लकनवाल व्हाइट हाउस गोलीबारी खतरनाक इरादा अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह का व्हाइट हाउस के पास बनावटी हमला खतरनाक इरादा और गंभीर परिणाम
अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह लकनवाल ने 2025 में व्हाइट हाउस के पास एक खतरनाक और जानलेवा हमला किया, जिसमें दो नेशनल गार्ड जवानों को गोली लगी। लकनवाल, जो 2021 में ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और वहां असाइलम प्राप्त कर चुका था, ने वाशिंगटन डीसी के फर्रागुट मेट्रो स्टेशन के पास गश्त कर रहे जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक महिला गार्ड के सीने और सिर में गोली मारी, जिससे उनकी हालत गंभीर है।
अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह लकनवाल का परिचय

रहमानुल्लाह लकनवाल 29 वर्ष के अफगानी नागरिक हैं, जो 2021 में ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत अमेरिका आए। वाशिंगटन डीसी में वे वेस्ट वर्जीनिया के नेशनल गार्ड के दो सदस्यों पर हमले का आरोपी हैं। लकनवाल ने वहां असाइलम प्राप्त किया था और वॉशिंगटन में रह रहे थे।
व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी का विवरण
2025 में फर्रागुट मेट्रो स्टेशन के पास रहमानुल्लाह ने अचानक नेशनल गार्ड के जवानों पर गोली चलाई। दो गार्ड गंभीर रूप से घायल हुए। हमले के दौरान लकनवाल को कई गोलियां लगीं और उसे हिरासत में ले लिया गया।
हमला खतरनाक इरादे से हुआ
एफबीआई इस हमले को आतंकवादी घटना मान कर जांच कर रही है। आरोपी ने जानबूझ कर निशाना बनाया था। गोलीबारी वाइट हाउस के पास होने से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी सेंध मानी जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने हमले को मानवता के खिलाफ बताया और
आरोपी को सख्त सजा का भरोसा दिलाया। यह हमला देश की
सुरक्षा पर गंभीर प्रहार है और इसे सहन नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
इस घटना के बाद व्हाइट हाउस और आसपास क्षेत्रों की
सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। नेशनल गार्ड और
पुलिस बल को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।
रहमानुल्लाह का अमेरिका में जीवन और परिवार
लकनवाल के परिवार में पत्नी और पाँच बच्चे हैं। अमेरिका में
उनका जीवन साधारण था, लेकिन इस हमले ने
उन्हें अचानक ही राष्ट्रीय और वैश्विक चर्चाओं में ला खड़ा किया।
घटना के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव
इस हमले से अमेरिकी सुरक्षा नीतियों पर बहस तेज हुई है।
अफगान शरणार्थियों की स्थिति, अप्रवास नीतियों और आतंकवाद विरोधी
उपायों पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है। एफबीआई और अन्य एजेंसियां जांच जारी रखे हुए हैं।












