शीत संक्रांति 2025 विश्वभर में मनाई गई विंटर सोलस्टाइस स्टोनहेंज और न्यूग्रेंज में उमड़ी हजारों की भीड़!

On: December 24, 2025 2:39 PM
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शीत संक्रांति 2025

शीत संक्रांति 2025 : शीत संक्रांति या विंटर सोलस्टाइस हर साल उत्तरी गोलार्ध में सबसे छोटे दिन और सबसे लंबी रात का प्रतीक होती है। यह पर्व प्रकाश की जीत और नए सूर्य के जन्म का संदेश लेकर आता है। शीत संक्रांति 2025 में भी विश्वभर में इस प्राचीन पर्व को धूमधाम से मनाया गया। खासकर ब्रिटेन के स्टोनहेंज और आयरलैंड के न्यूग्रेंज जैसे प्रागैतिहासिक स्मारकों पर हजारों लोग इकट्ठा हुए। स्टोनहेंज में करीब 8,000 से ज्यादा लोग सूर्योदय का गवाह बने, जबकि न्यूग्रेंज में लगभग 2,000 लोगों ने इस खगोलीय घटना को देखा।

शीत संक्रांति का महत्व क्या है? यह वह दिन है जब सूर्य आकाश में सबसे दक्षिणी बिंदु पर होता है और उसके बाद दिन लंबे होने लगते हैं। प्राचीन काल से ही लोग इसे नई शुरुआत, पुनर्जन्म और आशा का पर्व मानते हैं। स्टोनहेंज और न्यूग्रेंज जैसे स्मारक 5,000 साल से भी पुराने हैं और इनकी संरचना ऐसी है कि शीत संक्रांति पर सूर्य की किरणें विशेष रूप से इनके अंदर प्रवेश करती हैं।

शीत संक्रांति 2025 स्टोनहेंज में शीत संक्रांति उत्सव 2025

इंग्लैंड के सालिसबरी के पास स्थित स्टोनहेंज में हजारों लोग जुटे। ड्रुइड्स, पैगन्स और सामान्य पर्यटक सुबह-सुबह सूर्योदय देखने पहुंचे। लोग ढोल बजाते, गाते-नाचते और प्रार्थना करते नजर आए। स्टोनहेंज की पत्थरों की संरचना सूर्य के साथ पूरी तरह संरेखित है जिससे सूर्योदय का नजारा अद्भुत होता है। इस साल भी मौसम ने साथ दिया और लोग प्रकाश की वापसी का जश्न मना सके।

शीत संक्रांति 2025
शीत संक्रांति 2025

न्यूग्रेंज में जादुई सूर्य प्रकाश

  • आयरलैंड के न्यूग्रेंज स्मारक में शीत संक्रांति का नजारा और भी खास होता है।
  • यह स्टोनहेंज से भी पुराना है और इसकी आंतरिक कक्ष में सूर्य की किरणें
  • केवल शीत संक्रांति के दौरान ही प्रवेश करती हैं।
  • करीब 17 मिनट तक कक्ष रोशनी से भर जाता है, जो प्राचीन लोगों की खगोलीय ज्ञान का प्रमाण है।
  • इस साल लॉटरी से चुने गए लोग अंदर जा सके, जबकि बाहर हजारों ने उत्सव मनाया।
  • कई जगहों पर इसे लाइव स्ट्रीम भी किया गया।

विश्वभर में शीत संक्रांति के उत्सव

शीत संक्रांति केवल यूरोप तक सीमित नहीं है। ईरान, अजरबैजान और कुर्द समुदायों में यलदा नाइट मनाई जाती है, जहां लंबी रात में फल और नट्स खाकर प्रकाश की जीत का जश्न होता है। चीन में डोंगझी फेस्टिवल मनाया जाता है। जर्मनी और अन्य देशों में भी रस्में निभाई जाती हैं। प्राचीन परंपराओं में इसे रौनाच्टे या थॉमसनाच्ट कहा जाता है।

  • यह पर्व हमें याद दिलाता है कि अंधेरे के बाद प्रकाश जरूर आता है।
  • विंटर सोलस्टाइस 2025 ने फिर साबित किया कि प्राचीन सभ्यताओं का ज्ञान आज भी जीवित है।
  • स्टोनहेंज और न्यूग्रेंज जैसे स्थल हमें इतिहास से जोड़ते हैं और प्रकृति के साथ सामंजस्य की सीख देते हैं।

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