ताजमहल मंदिर विवाद : मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक और विवादास्पद बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में सागर जिले के बीना में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान दिए उनके बयानों ने फिर से राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने ताजमहल को मंदिर बताते हुए दावा किया कि यह मूल रूप से एक हिंदू मंदिर था, जिसे मुगल बादशाह शाहजहां ने मुमताज का मकबरा बना दिया। साथ ही, बिहारियों के स्वभाव पर भी टिप्पणी की। यह कोई पहली बार नहीं है जब विजयवर्गीय के बयान विवाद का कारण बने हों। आइए जानते हैं उनके प्रमुख विवादित बयानों की पूरी लिस्ट और इनसे जुड़े विवादों को।
ताजमहल मंदिर विवाद ताजमहल और बिहारियों पर बयान
27 दिसंबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, कैलाश विजयवर्गीय ने बीना में कहा कि ताजमहल पहले एक मंदिर था। उनका दावा था कि मुमताज महल को पहले बुरहानपुर में दफनाया गया था, लेकिन बाद में उनके शव को उस जगह ले जाया गया जहां मंदिर का निर्माण चल रहा था। शाहजहां ने वहीं ताजमहल बनवा दिया। इस बयान पर सोशल मीडिया और राजनीतिक दलों में तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कांग्रेस ने इसे भ्रामक और भड़काऊ बताया।

- इसी कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने बिहारियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बिहार के किसी व्यक्ति का
- विनम्र होना जरूरी नहीं, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष नितिन नवीन (जो बिहारी हैं)
- ने विनम्रता से तरक्की की है। इस पर भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं
- कुछ ने इसे राजनीतिक टिप्पणी माना तो कुछ ने अनुचित बताया।
महिलाओं के कपड़ों पर बार-बार विवाद
- कैलाश विजयवर्गीय महिलाओं के पहनावे पर टिप्पणी करके सबसे ज्यादा विवादों में घिरे हैं।
- 2025 में इंदौर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां उन्हें पसंद नहीं।
- विदेशों में कम कपड़ों को सुंदर माना जाता है, लेकिन वे इससे सहमत नहीं। उन्होंने युवा
- लड़कियों से सेल्फी के लिए ‘उचित कपड़े’ पहनकर आने को कहा। इससे पहले 2022 में हनुमान जयंती
- पर महिलाओं के कपड़ों की तुलना पौराणिक पात्रों से की थी। इन बयानों पर कांग्रेस
- और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी आलोचना की, इसे महिलाओं का अपमान बताया।
राहुल-प्रियंका गांधी पर व्यक्तिगत हमला
2025 में विजयवर्गीय ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में बहन के गांव का पानी नहीं पीते थे, लेकिन आज के नेता चौराहे पर बहन को चुंबन कर लेते हैं। यह बयान नवرات्री के दौरान आया, जिस पर कांग्रेस ने भाई-बहन के रिश्ते का अपमान बताया और इस्तीफे की मांग की। विजयवर्गीय ने सफाई दी कि वे भारतीय संस्कृति की बात कर रहे थे।
अन्य प्रमुख विवादित बयान
- ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों पर: 2025 में इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से
- छेड़छाड़ की घटना पर विजयवर्गीय ने कहा कि खिलाड़ियों को ‘सबक सीखना चाहिए
- और बाहर जाने से पहले अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। इसे विक्टिम ब्लेमिंग बताया गया और भारी आलोचना हुई।
- गृह युद्ध का दावा: 2024 में उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकी बदलाव के कारण 30 साल बाद भारत में गृह युद्ध हो सकता है। कांग्रेस ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया।
- पुराने बयान: पहले शत्रुघ्न सिन्हा की तुलना कुत्ते से की, शाहरुख खान पर कहा कि उनका दिल पाकिस्तान में है। 2013 में महिलाओं को ‘मर्यादा’ बनाए रखने की सलाह दी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और निष्कर्ष
कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने विजयवर्गीय के बयानों को ‘सीमाएं लांघना’ बताया और कहा कि ऐसे नेता सुर्खियां बटोरने के लिए गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां करते हैं। भाजपा समर्थक इन्हें ऐतिहासिक व्याख्या या व्यक्तिगत राय बताते हैं। कैलाश विजयवर्गीय का विवादों से पुराना नाता है, जो उन्हें राजनीति में अलग पहचान देता है।












