निदा खान की फरारी नासिक के टीसीएस से जुड़े विवादित मामले में एक बड़ी अपडेट आई है। निदा खान, जो यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण के मुख्य आरोपियों में शामिल थी, को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लगभग 25 दिनों की फरारी के बाद 7 मई 2026 को चित्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) से निदा खान को गिरफ्तार किया गया।
यह मामला महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस से जुड़े बीपीओ यूनिट में सामने आया था, जहां कई महिला कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए थे।

क्या है पूरा मामला? TCS Nashik Sexual Harassment Case
पिछले महीने नासिक पुलिस को कई शिकायतें मिलीं, जिनमें 18 से 25 साल की युवा महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर सहयोगियों पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्मांतरण की कोशिशों का आरोप लगाया।
मुख्य आरोप:
- अनचाहे स्पर्श, अश्लील कमेंट्स और स्टॉकिंग
- शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश
- हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धार्मिक भावनाएं आहत करना
- नमाज पढ़ने के लिए दबाव, हिजाब-बुर्का पहनाने और नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर करना
- दस्तावेजों पर कब्जा कर नाम बदलने की कोशिश
पुलिस ने अब तक कम से कम 9 FIR दर्ज की हैं। मुख्य आरोपी में दानिश शेख, तौसीफ अत्तर, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ अंसारी आदि शामिल हैं। निदा खान को शुरू में एचआर अधिकारी समझा गया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह टेलीकॉलर के पद पर काम करती थी।
निदा खान पर क्या-क्या आरोप?
- पीड़ितों को शिकायत न करने के लिए हतोत्साहित करना
- एक शिकायतकर्ता को इस्लाम अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, हिजाब-बुर्का पहनाना, धार्मिक सामग्री और ऐप शेयर करना
- नाम बदलने और मलेशिया भेजने की योजना में शामिल होने का आरोप
- धार्मिक भावनाएं आहत करने और आरोपी पुरुषों की मदद करने का आरोप
SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने कोर्ट को बताया कि डिजिटल सबूत, गवाहों के बयान और मालेगांव व मलेशिया तक के संभावित लिंक मिले हैं।
निदा खान की फरारी और गिरफ्तारी
- निदा खान ने अंतिम anticipatory bail की याचिका दायर की थी
- लेकिन नासिक कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। कोर्ट में प्रॉसीक्यूशन ने जोर दिया कि कस्टोडियल इंटरोगेशन जरूरी है।
- वह मुंबई में छिपी होने का दावा कर रही थी और गर्भवती होने का हवाला दिया।
- पुलिस ने उसके पति से पूछताछ की और कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह लगातार फरार रही।
- आखिरकार 25 दिन की फरारी के बाद 7 मई 2026 को चित्रपति संभाजी नगर से गिरफ्तार हुई।
अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें POSH कमिटी से जुड़े अश्विन चैनानी भी शामिल हैं।
टीसीएस की प्रतिक्रिया!
टीसीएस ने कहा है कि उसे आंतरिक POSH या एथिक्स मैकेनिज्म के जरिए कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। फिर भी कंपनी ने ओवरसाइट कमिटी बनाई है और स्वतंत्र विशेषज्ञों से जांच करा रही है। कई आरोपी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
- कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा
- POSH एक्ट की प्रभावशीलता पर सवाल
- कथित जबरन धर्मांतरण और कार्यस्थल पर धार्मिक दबाव
- आईटी-बीपीओ सेक्टर में युवा महिलाओं की कार्य स्थिति
- नासिक पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में SIT पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
- आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
- अपडेट: निदा खान की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है।
- पुलिस डिजिटल सबूतों और अन्य लिंक्स की जांच कर रही है।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हर संगठन की जिम्मेदारी है। पीड़ितों को न्याय मिले, यही उम्मीद है।











