बंगाल चुनाव 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने सबको चौंका दिया। BJP ने 294 सीटों में से 208 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि सत्तारूढ़ TMC मात्र 79 सीटों पर सिमट गई। सबसे बड़ा सरप्राइज यह रहा कि महिलाओं ने इस बार “बंगाल की बेटी” ममता बनर्जी को छोड़कर BJP का साथ दिया। महिला मतदाताओं की turnout 93% रही, जो पुरुषों से भी ज्यादा थी।
महिलाएं, जो 2011 से TMC का सबसे मजबूत वोट बैंक रही हैं, इस बार क्यों बदलीं? आइए विस्तार से समझते हैं।

2021 vs 2026: महिलाओं के वोट में बड़ा बदलाव
2021 के चुनाव में TMC को महिलाओं के करीब 50% वोट मिले थे, जबकि BJP को 35%। लेकिन 2026 में स्थिति पूरी तरह उलट गई। BJP ने महिलाओं के बीच जबरदस्त पैठ बनाई।
TMC ने महिलाओं को लक्ष्य करके Lakshmir Bhandar योजना चलाई थी। इसमें जनरल कैटेगरी की महिलाओं को ₹1,000 और SC/ST को ₹1,200 प्रति माह दिए जाते थे। चुनाव से पहले इसे बढ़ाकर ₹1,500 और ₹1,700 कर दिया गया था। इसके अलावा Kanyashree और Rupashree जैसी योजनाएं भी थीं। फिर भी महिलाओं ने BJP को चुना।
BJP की ‘Annapurna’ और आकर्षक वादे!
BJP ने TMC की योजना का मुकाबला Annapurna Bhandar से किया। पार्टी ने वादा किया कि सत्ता में आने पर हर महिला को ₹3,000 प्रति माह दिए जाएंगे – जो TMC से दोगुना से भी ज्यादा है।
महिलाओं के लिए BJP के अन्य प्रमुख वादे:
- राज्य की सभी बसों में महिलाओं को फ्री यात्रा
- सरकारी नौकरियों (पुलिस सहित) में 33% महिला आरक्षण
- Durga Suroksha Squad – महिलाओं के लिए अलग से पेट्रोलिंग टीम
- हर ब्लॉक में महिला पुलिस स्टेशन और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क
- गर्भवती महिलाओं के लिए ₹21,000 + न्यूट्रिशन किट
- लड़कियों के लिए फ्री HPV वैक्सीन और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग
- कामकाजी महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल
- 75 लाख “Lakhpati Didi” बनाने का लक्ष्य
ये वादे सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं थे, बल्कि सुरक्षा और सम्मान पर भी फोकस करते थे।
बंगाल चुनाव 2026 सुरक्षा मुद्दे ने खेल दिया बड़ा रोल
- 2024 में Sandeshkhali की घटनाएं और RG Kar मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर
- रेप-मर्डर केस ने पूरे राज्य में महिलाओं में आक्रोश पैदा कर दिया। हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं।
BJP ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। पार्टी ने Ratna Debnath (RG Kar पीड़िता की मां) और Rekha Patra (Sandeshkhali की पीड़िता) को टिकट दिया। दोनों ने BJP के लिए सीटें जीतीं। इन मुद्दों ने महिलाओं को TMC से दूर किया।
भ्रष्टाचार, सिन्डिकेट राज और misgovernance
#महिलाओं ने सिर्फ योजनाओं या सुरक्षा को नहीं देखा। TMC सरकार पर कट मनी, सिन्डिकेट राज, भर्ती घोटाले और प्रशासनिक नाकामी के आरोप भी महिलाओं के मन में थे। BJP ने “परिवर्तन” का नारा देकर इन्हीं मुद्दों पर वोट मांगे।
महिलाओं ने भरोसा बदला
महिलाओं ने इस बार “Lakshmi” की बजाय “Annapurna” को चुना। आर्थिक मदद से ज्यादा उन्होंने सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता दी। BJP की रणनीति – ज्यादा आर्थिक मदद + सुरक्षा गारंटी + सही उम्मीदवार चयन – काम कर गई।










