महाराष्ट्र राजनीति सुनेत्रा पवार : की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अपनी भतीजी सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद पर शपथ लेने की अफवाहों पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। साथ ही, अपने दिवंगत भतीजे अजित पवार को याद करते हुए वे भावुक हो गए। यह बयान ऐसे समय आया है जब एनसीपी के मर्जर और महायुति सरकार के गठन की चर्चाएं जोरों पर हैं। 31 जनवरी 2026 को मुंबई में संभावित शपथ ग्रहण समारोह की खबरें मीडिया में छाई हुई हैं, लेकिन शरद पवार ने इनसे दूरी बना ली है। आइए, इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करते हैं।
सुनेत्रा पवार का डिप्टी CM बनना: क्या है पूरा मामला?
सुनेत्रा पवार, जो अजित पवार की पत्नी हैं, को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की खबरें तेजी से फैल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनेत्रा मुंबई पहुंच चुकी हैं और आज (31 जनवरी 2026) शपथ ग्रहण कर सकती हैं। यह फैसला एनसीपी (अजित पवार गुट) का बताया जा रहा है, जो महायुति गठबंधन का हिस्सा है। महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) शामिल हैं। अगर सुनेत्रा डिप्टी CM बनती हैं, तो यह महाराष्ट्र राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम होगा, क्योंकि राज्य में कभी कोई महिला इस पद पर नहीं पहुंची है।

लेकिन शरद पवार ने इस पर अपनी अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा, “मुझे सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण की किसी भी तरह की जानकारी नहीं है। यह फैसला उनकी पार्टी का हो सकता है, लेकिन इस बारे में उनसे कोई बातचीत नहीं हुई।” शरद पवार ने अखबारों में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नाम देखने का जिक्र किया, जो कथित तौर पर इन फैसलों की पहल कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “मुझे न तो इस पर कोई जानकारी है और न ही यह पता है कि ऐसा कुछ हो भी रहा है या नहीं।” यह बयान एनसीपी के दो गुटों के बीच की दरार को फिर से उजागर करता है।
शरद पवार का भावुक पल: अजित पवार की याद में आंसू
शरद पवार का बयान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी रहा। उन्होंने अपने भतीजे अजित पवार को याद करते हुए कहा कि अजित एक सक्षम और समर्पित नेता थे। “अजित लोगों की समस्याओं को गहराई से समझते थे और हमेशा न्याय दिलाने के लिए काम करते थे। बारामती की जनता ने हमेशा उनका साथ दिया।” शरद पवार ने बताया कि अजित कभी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे और उनके निधन से सभी को गहरा सदमा लगा है। उन्होंने आगे कहा, “हमें लोगों के दुख-दर्द को कम करने के लिए काम करना होगा और उन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाना होगा, जिनके साथ उन्होंने सेवा की।”
- यह भावुकता उस पारिवारिक रिश्ते को दर्शाती है जो एनसीपी की स्थापना से जुड़ा है।
- शरद पवार ने भरोसा जताया कि परिवार की नई पीढ़ी अजित की विरासत को आगे बढ़ाएगी।
- लेकिन राजनीतिक रूप से, अजित गुट के फैसलों से शरद पवार की दूरी साफ नजर आ रही है।
एनसीपी मर्जर की चर्चाएं: क्या होगा एकीकरण?
एनसीपी के दो गुटों – शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) और अजित पवार गुट – के बीच मर्जर की अफवाहें भी तेज हैं। चुनाव आयोग ने अजित गुट को आधिकारिक एनसीपी माना है, लेकिन शरद पवार ने इसे चुनौती दी है। अब महायुति सरकार के गठन में एनसीपी (अजित गुट) की भूमिका अहम है। सुनेत्रा के डिप्टी CM बनने से मर्जर की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन शरद पवार ने इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ पार्टी के फैसलों पर चर्चा का संकेत दिया।
- महाराष्ट्र में हालिया विधानसभा चुनावों के बाद महायुति ने बहुमत हासिल किया है।
- देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं, जबकि डिप्टी CM पदों पर चर्चा चल रही है।
- अगर सुनेत्रा शपथ लेती हैं, तो यह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देगा
- लेकिन विपक्ष इसे परिवारवाद का हथियार बना सकता है।
महाराष्ट्र राजनीति का व्यापक परिदृश्य
- #महाराष्ट्र की राजनीति पिछले कुछ सालों में काफी उथल-पुथल भरी रही है।
- 2019 में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी सरकार बनी
- लेकिन 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत से वह गिर गई। उसके बाद अजित पवार ने शरद
- पवार से अलग होकर महायुति जॉइन की। अब 2026 में, लोकसभा चुनावों से पहले ये
- घटनाक्रम महत्वपूर्ण हैं। शरद पवार की अनभिज्ञता का बयान एनसीपी-एसपी की रणनीति
- को मजबूत करने का हिस्सा लगता है, जहां वे खुद को मूल एनसीपी के वारिस के रूप में पेश कर रहे हैं।
विपक्षी पार्टियां जैसे कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) इस पर नजर रखे हुए हैं। अगर मर्जर होता है, तो एनसीपी की एकता मजबूत होगी, लेकिन शरद पवार के समर्थकों में असंतोष बढ़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा का पद ग्रहण अजित गुट को मजबूती देगा, लेकिन शरद पवार की भावुकता से साफ है कि परिवार में दरार अभी भी गहरी है।
आगे क्या?
- शरद पवार का बयान महाराष्ट्र राजनीति में नई बहस छेड़ रहा है। सुनेत्रा पवार अगर डिप्टी CM बनती हैं
- तो यह महिलाओं के लिए प्रेरणा होगी, लेकिन एनसीपी के भविष्य पर सवाल बने रहेंगे।
- मर्जर हो या नहीं, महायुति सरकार की स्थिरता पर सभी की नजरें हैं।
- शरद पवार की अनभिज्ञता और भावुकता से साफ है
- कि राजनीति में परिवार और सत्ता का खेल जारी है। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें!
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