Kanakadurga Temple online darshan : विजयावाड़ा के प्रसिद्ध श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी वर्ला देवस्थानम (कनकदुर्गा मंदिर) में भवानी दीक्षा विरमना उत्सव के दौरान रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली। 11 से 15 दिसंबर तक चले इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में करीब 5.27 लाख भवानी भक्तों ने भाग लिया, जबकि सामान्य भक्तों को मिलाकर कुल श्रद्धालु 6 लाख से ज्यादा हो गए। इस जबरदस्त भीड़ के बाद मंदिर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है – तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की तर्ज पर ऑनलाइन दर्शन बुकिंग सिस्टम शुरू करने की योजना।
Kanakadurga Temple online darshan भवानी दीक्षा विरमना में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु
इंद्रकीलाद्रि पर स्थित कनकदुर्गा मंदिर में भवानी दीक्षा विरमना का आयोजन हर साल दिसंबर में होता है। इस बार कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं कीं – डेडिकेटेड काउंटर, 19 प्रसादम आउटलेट्स, तीन होमा गुंडम और कृष्णा नदी किनारे स्नान घाट। सुरक्षा के लिए करीब 3,000 पुलिस कर्मी 24 घंटे तैनात रहे।

मंदिर के कार्यकारी अधिकारी सीना नायक और ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन बोर्रा राधाकृष्ण ने बताया कि कार्यक्रम में भक्तों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। सामान्य दिनों में मंदिर में 15,000 श्रद्धालु आते हैं, लेकिन त्योहारों में यह 30,000 से 50,000 तक हो जाती है।
तिरुपति मॉडल पर ऑनलाइन बुकिंग और मोबाइल ऐप
भीड़ प्रबंधन को आसान बनाने के लिए मंदिर प्रशासन नई लॉन्च की गई मोबाइल ऐप को और विकसित करेगा। इस ऐप में जल्द ही ये सुविधाएं जोड़ी जाएंगी:
- दर्शन स्लॉट की पहले से बुकिंग
- लड्डू और पुलिहोरा जैसे प्रसादम की ऑनलाइन खरीदारी
- पार्किंग बुकिंग
- अन्नदानम और सत्रम दान
- विभिन्न सेवाओं की बुकिंग
- अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर भक्त बिना बुकिंग के आते हैं और लंबी कतारों में इंतजार करते हैं,
- जिससे भीड़ बढ़ती है। TTD की तरह डिजिटल सिस्टम से यह समस्या दूर होगी।
- कार्यक्रम के दौरान ऐप को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। भक्तों ने कंप्यूटर और इंफ्रास्ट्रक्चर
- के लिए 10 लाख रुपये का दान भी दिया है।
कनकदुर्गा मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता!
- आंध्र प्रदेश के विजयावाड़ा में कृष्णा नदी के किनारे इंद्रकीलाद्रि पर्वत पर स्थित कनकदुर्गा मंदिर शक्ति पीठों में से एक है।
- यहां मां दुर्गा को कनकदुर्गा के रूप में पूजा जाता है। दशहरा, नवरात्रि और भवानी दीक्षा जैसे
- उत्सवों में लाखों भक्त आते हैं। पिछले कुछ सालों में फुटफॉल लगातार बढ़ रहा है
- जिससे मंदिर प्रशासन को आधुनिक सुविधाएं लाने की जरूरत महसूस हुई।
यह नया ऑनलाइन सिस्टम पूरे साल लागू होगा, ताकि त्योहारों के अलावा भी भक्तों को आसानी हो। अगर आप कनकदुर्गा मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो जल्द ही ऐप डाउनलोड कर बुकिंग चेक करें। मां कनकदुर्गा की कृपा सभी पर बनी रहे!












