IPS सुंदर आतंकी साजिश IPS सुंदर ने जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में डॉक्टरों और मौलवियों के तहत फैले हुए आतंकवादी नेटवर्क को उजागर कर भारत को दहलाने की बड़ी साजिश को नाकाम किया। इस जांच में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ, जिसमें डॉक्टरों और मौलवियों का ब्रेनवॉश कर आतंकवाद की राह पर धकेलना शामिल था।
IPS सुंदर आतंकी साजिश IPS सुंदर ने डॉक्टर-मौलवी के आतंकी नेटवर्क को किया बेनकाब, जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी-हरियाणा तक फैली साजिश का पर्दाफाश
#IPS सुंदर ने डॉक्टर-मौलवी के आतंकी नेटवर्क को बेनकाब किया, जो जम्मू-कश्मीर से लेकर यूपी और हरियाणा तक फैला हुआ था। श्रीनगर के नवगाम-बुनपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर चिपकाने के मामले की जांच के दौरान, IPS सुंदर ने इस साजिश की तह तक जाकर इसे नाकाम किया। जांच में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया जिनमें मौलवी इरफान अहमद शामिल हैं, जो शोपिया का निवासी है और नवगाम मस्जिद में नमाज पढ़ाता था। सुनवाई में पता चला कि आतंकी नेटवर्क का लिंक हरियाणा और यूपी तक फैला था।
पोस्टर से शुरू हुई जांच

19 अक्टूबर 2025 को श्रीनगर के नवगाम-बुनपोरा इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर चिपकाने की घटना को IPS सुंदर ने गंभीर साजिश माना और तत्काल नवगाम थाने में मामला दर्ज कराया। CCTV फुटेज में तीन संदिग्ध पकड़े गए, जिससे जांच शुरू हुई।
आतंकी नेटवर्क की पहचान
जांच में मौलवी इरफान अहमद की गिरफ्तारी हुई, जो नवगाम मस्जिद में पढ़ाते थे, और उनके नेटवर्क की लिंक हरियाणा और यूपी तक पाई गई।
डॉक्टर-मौलवी ने मिलकर बनाया आईईडी नेटवर्क
फरीदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई और
अन्य स्थानीय सहयोगियों की गिरफ्तारी से यह पता चला कि यह
आतंकी नेटवर्क शिक्षित पेशेवर और मौलवी का गठजोड़ था।
विस्तृत छापेमारी और बरामदगी
तलाशी में विस्फोटक बनाने की सामग्री और कई डिजिटल सबूत मिले,
जिससे साजिश की गहराई का पता चला।
IPS सुंदर का विशेषज्ञ नेतृत्व
डॉक्टर से IPS बने सुंदर ने इस मामले को अपनी सबसे जटिल जांच बताया,
जहां तकनीक, मानव व्यवहार और कानून का उपयोग कर
आतंक के सफेदपोश नेटवर्क को भांपा।
जम्मू-कश्मीर व बाहरी राज्यों में सक्रिय आतंकवाद
यह मामला आतंकवाद के स्वरूप में बदलाव को दर्शाता है,
जहां अब आतंकी शहरी, शिक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त वर्ग में छुपे हैं।
देश के सुरक्षा तंत्र के लिए चेतावनी
इस तरह की आतंकी साजिशों को रोकने के लिए सतर्कता,
तकनीकी जांच और समुदाय का सहयोग आवश्यक है,
जो IPS सुंदर जैसी काबिल नेतृत्व के बिना संभव नहीं।












