हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड : भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि! सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने पवन हंस लिमिटेड के साथ 1800 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का महत्वपूर्ण अनुबंध साइन किया है। यह ऑर्डर 10 ध्रुव NG (न्यू जेनरेशन) हेलीकॉप्टर की सप्लाई, स्पेयर पार्ट्स और एक्सेसरीज़ के लिए है। अनुबंध हैदराबाद में साइन हुआ और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह खबर HAL के शेयरों को फोकस में ला रही है, क्योंकि कंपनी का ऑर्डर बुक और मजबूत हो रहा है।
क्या है यह ऑर्डर? पूरी डिटेल्स
HAL ने पवन हंस लिमिटेड (नोएडा स्थित सरकारी हेलीकॉप्टर सर्विस ऑपरेटर) के साथ डोमेस्टिक कॉन्ट्रैक्ट किया है। इसमें शामिल है:
- 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर की डिलीवरी
- संबंधित स्पेयर पार्ट्स, एक्सेसरीज़ और अन्य उपकरण
- कुल वैल्यू: 1800 करोड़ रुपये से अधिक
- पूरा होने की समयसीमा: 2027

ध्रुव NG हेलीकॉप्टर HAL का स्वदेशी रूप से विकसित ध्रुव हेलीकॉप्टर का एडवांस्ड वर्जन है। यह सिविल, डिफेंस और यूटिलिटी ऑपरेशन्स के लिए इस्तेमाल होता है। इसमें बेहतर परफॉर्मेंस, उन्नत एवियोनिक्स और मल्टी-रोल कैपेबिलिटी है। पवन हंस मुख्य रूप से ऑफशोर ऑपरेशन्स, आपदा प्रबंधन, VIP ट्रांसपोर्ट और अन्य सिविल सेवाओं के लिए हेलीकॉप्टर चलाती है। यह ऑर्डर HAL के सिविल एविएशन सेगमेंट में विस्तार को दिखाता है।
HAL शेयर पर क्या असर पड़ा?
ऑर्डर की घोषणा के बाद HAL का शेयर शुरुआत में तेजी दिखाई, लेकिन बाजार की चौतरफा गिरावट के कारण दबाव में आ गया।
- BSE पर ओपनिंग: 4616.05 रुपये
- इंट्रा-डे लो: 4541 रुपये (1% से अधिक की गिरावट)
- हालिया क्लोजिंग (29 जनवरी 2026): करीब 4602 रुपये के आसपास
- पिछले साल रिटर्न: 20% से अधिक
- 2 साल रिटर्न: 51%
- 3 साल रिटर्न: 268%
- 5 साल रिटर्न: 882%
कंपनी ने हाल में डिविडेंड भी दिए हैं – पिछले साल 40 रुपये प्रति शेयर, 2024 में 35 रुपये। 2023 में स्टॉक स्प्लिट हुआ था, जिससे फेस वैल्यू 5 रुपये हो गई। HAL का ऑर्डर बुक पहले से ही मजबूत है (लगभग 1.89 लाख करोड़ रुपये), और यह नया ऑर्डर रेवेन्यू विजिबिलिटी बढ़ाएगा।
ध्रुव NG हेलीकॉप्टर की खासियतें!
ध्रुव NG HAL का फ्लैगशिप प्रोडक्ट है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है। मुख्य फीचर्स:
- बेहतर इंजन और पावर
- एडवांस्ड नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम
- मल्टी-मिशन कैपेबिलिटी (सर्च एंड रेस्क्यू, मेडिकल इवैक्यूएशन, ट्रांसपोर्ट)
- हाई-एल्टीट्यूड परफॉर्मेंस
यह ऑर्डर HAL की डिफेंस और सिविल दोनों सेगमेंट में ग्रोथ दिखाता है। कंपनी LCA तेजस, सुखोई-30MKI जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
HAL की हालिया उपलब्धियां और भविष्य
HAL भारत की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी है, जो फाइटर जेट्स, हेलीकॉप्टर, ट्रेनर्स और इंजन बनाती है। हाल में:
- नए CMD के रूप में रवि कोटा की सिफारिश
- बड़े ऑर्डर्स जैसे 83 LCA Mk1A (36,000 करोड़+)
- सिविल एविएशन में एंट्री की कोशिश
यह 1800 करोड़ का ऑर्डर कंपनी के डोमेस्टिक ऑर्डर बुक को मजबूत करेगा और सरकार की मेक इन इंडिया नीति को सपोर्ट करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डिफेंस सेक्टर में बजट बढ़ोतरी से HAL जैसे PSU को फायदा होगा।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
यह ऑर्डर HAL के लिए पॉजिटिव डेवलपमेंट है, जो लॉन्ग-टर्म ग्रोथ दिखाता है। हालांकि शॉर्ट-टर्म में बाजार की अस्थिरता से शेयर प्रभावित हो सकता है, लेकिन मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी सपोर्ट से कंपनी की स्थिति मजबूत है। डिफेंस और एविएशन सेक्टर में रुचि रखने वाले निवेशकों के लिए HAL स्टॉक फोकस में रहेगा।
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