सोने के दाम 10 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने (Gold) के दाम गिर गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के नवीनतम शांति प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताने के बाद निवेशकों में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे गोल्ड का आकर्षण थोड़ा कम हुआ।
मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका के बीच 10 हफ्तों से चला आ रहा संघर्ष स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को प्रभावित कर रहा है। यह क्षेत्र दुनिया के बड़े तेल निर्यात का रास्ता है। ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिससे युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं। सप्ताहांत में हुई झड़पों ने भी नाजुक ceasefire को खतरे में डाल दिया है।

सोने के दाम क्या है पूरा मामला?
Bloomberg के अनुसार, सोना $4,698 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। पिछले हफ्ते यह 2% चढ़ा था, लेकिन ट्रंप के बयान के बाद गिरावट आई।
क्यों गिर रहा है गोल्ड प्राइस?
सोना आमतौर पर अनिश्चितता, युद्ध और महंगाई के समय सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है। लेकिन इस बार उलटा हो रहा है। कारण:
- महंगाई का डर: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहने से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ेगी।
- ब्याज दरों का असर: महंगाई बढ़ने पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रख सकता है।
- ऊंची ब्याज दरें बिना ब्याज वाले सोने को कम आकर्षक बनाती हैं।
- डॉलर की मजबूती: ट्रंप के बयान के बाद डॉलर में हल्की मजबूती आई, जो सोने को महंगा करती है।
वर्तमान बाजार स्थिति (10 मई 2026)
- स्पॉट गोल्ड प्राइस: लगभग $4,698 प्रति औंस
- पिछले हफ्ते का प्रदर्शन: +2%
- 2026 का ट्रेंड: साल की शुरुआत में सोना $5,000 प्रति औंस के ऊपर भी गया था
- लेकिन हाल के हफ्तों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
भारत में सोने के दाम पर क्या असर?
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयातक देश है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों
- में गिरावट आने पर घरेलू बाजार (MCX) में भी 24 कैरेट सोने की कीमतों में नरमी आ सकती है।
वर्तमान अनुमान (मई 2026):
- 10 ग्राम 24K गोल्ड: ₹78,000 – ₹82,000 के बीच (शहर और शुद्धता के अनुसार)
- चांदी (Silver) पर भी दबाव बना हुआ है।
नोट: आज के सटीक भाव जानने के लिए MCX या स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क करें।
निवेशकों के लिए सलाह
- शॉर्ट टर्म: महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव बने रहने तक सोना मजबूत रह सकता है। गिरावट को खरीदारी का मौका मानें।
- लॉन्ग टर्म: विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में गोल्ड अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता है, खासकर अगर संघर्ष बढ़ा तो।
- विविधीकरण: पोर्टफोलियो में 5-10% सोना रखना सुरक्षित माना जाता है। ETF, सोने के सिक्के, डिजिटल गोल्ड या Sovereign Gold Bonds (SGB) अच्छे विकल्प हैं।
आगे क्या हो सकता है?
- अगर ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता होता है तो सोने में और गिरावट आ सकती है।
- अगर तनाव बढ़ा और तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार गईं
- तो गोल्ड फिर से $4,800–$5,000 की ओर बढ़ सकता है।
ट्रंप के ईरान ऑफर को खारिज करने से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। सोने के दामों में गिरावट इस बात का संकेत है कि निवेशक अभी ब्याज दरों और महंगाई के रास्ते पर नजर टिकाए हुए हैं। लेकिन लंबे समय में सोना अपना आकर्षण बनाए रखेगा।








