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फरवरी 2026 में एकादशी व्रत विजया और आमलकी एकादशी की सही तारीख शुभ मुहूर्त पूजा विधि और लाभ!

On: January 31, 2026 9:38 AM
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फरवरी 2026 में एकादशी

फरवरी 2026 में एकादशी : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भगवान विष्णु की आराधना का विशेष दिन है, जो पापों से मुक्ति, स्वास्थ्य, समृद्धि और मोक्ष प्रदान करता है। फरवरी 2026 में दो प्रमुख एकादशी पड़ रही हैं – विजया एकादशी और आमलकी एकादशी (आंवला एकादशी)। ये व्रत अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य देते हैं। पंचांग के अनुसार, इनकी तिथियां शुभ मुहूर्त और पूजा विधि जानना जरूरी है ताकि व्रत सही तरीके से रखा जा सके।

फरवरी 2026 में एकादशी की तिथियां!

#फरवरी में कुल दो एकादशी व्रत हैं:

  • विजया एकादशी (फाल्गुन कृष्ण पक्ष): 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)।
    • तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026 दोपहर 12:22 बजे।
    • तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026 दोपहर 2:25 बजे।
    • यह कृष्ण पक्ष की एकादशी है।
  • आमलकी एकादशी (फाल्गुन शुक्ल पक्ष): 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार)।
    • तिथि प्रारंभ: 27 फरवरी 2026 देर रात 12:33 बजे (कुछ स्रोतों में 12:34 AM)।
    • तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2026 रात 10:32 बजे या 10:33 AM तक।
    • यह शुक्ल पक्ष की एकादशी है, जिसे आंवला एकादशी भी कहते हैं।
फरवरी 2026 में एकादशी
फरवरी 2026 में एकादशी

नोट: कुछ पंचांगों में आमलकी को 26 या 27 फरवरी बताया गया है, लेकिन अधिकांश वैदिक स्रोतों और दृक पंचांग के अनुसार 27 फरवरी को मनाई जाएगी। पारण (व्रत तोड़ना) अगले दिन द्वादशी में करें।

शुभ मुहूर्त और पारण समय

  • विजया एकादशी पूजा मुहूर्त: सुबह 6:26 बजे से 9:15 बजे तक (प्रार्थना और पूजा के लिए आदर्श)।
    • पारण: 14 फरवरी 2026 सुबह (द्वादशी समाप्त होने तक, जैसे 7:00 AM से 9:14 AM तक कुछ जगहों पर)।
  • आमलकी एकादशी पूजा मुहूर्त: सुबह 6:15 बजे से 9:09 बजे तक।
    • पारण: 28 फरवरी 2026 सुबह (द्वादशी के अनुसार)।

पूजा ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय के बाद करें।

पूजा विधि (सरल और प्रभावी तरीका)

एकादशी व्रत की पूजा आसान है, लेकिन भक्ति से करें:

  1. सुबह स्नान करें, साफ वस्त्र (पीले रंग के बेहतर) पहनें।
  2. घर को साफ-सुथरा करें, भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. तुलसी दल अर्पित करें (तुलसी में लक्ष्मी का वास माना जाता है)।
  4. पीले फूल, फल, मिठाई, दूध, घी से भगवान को भोग लगाएं।
  5. मंत्र जाप: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का 108 बार जप करें।
  6. विजया एकादशी विशेष: जल का कलश रखें, विजय प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें।
  7. आमलकी एकादशी विशेष: आंवले के पौधे या फल की पूजा करें। आंवला चढ़ाएं और दान दें।
  8. कथा सुनें या पढ़ें, विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  9. व्रत रखें (फलाहार: फल, दूध, सब्जी बिना अनाज/नमक के)।
  10. शाम को आरती करें, दान-पुण्य दें (अन्न, वस्त्र, धन)।

लाभ और महत्व

  • विजया एकादशी: नाम से ही विजय देने वाली। सच्चे मन से व्रत रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, शत्रु पर विजय मिलती है, करियर और सफलता में प्रगति होती है। भगवान विष्णु की कृपा से नकारात्मकता खत्म होती है।
  • आमलकी एकादशी: आंवले की पूजा से स्वास्थ्य अच्छा रहता है, घर में सुख-समृद्धि आती है। यह पाप नाशक है, मोक्ष प्रदान करती है। होली से पहले होने से विशेष महत्व है।

एकादशी व्रत से शरीर शुद्ध होता है, मन शांत रहता है। ये व्रत महिलाओं-पुरुषों दोनों के लिए फायदेमंद हैं।

व्रत के नियम और सावधानियां!

  • अनाज, चावल, दाल, नमक से परहेज करें (फलाहार रखें)।
  • क्रोध, झूठ, निंदा से दूर रहें।
  • रात में जागरण करें, भजन-कीर्तन करें।
  • पारण सुबह द्वादशी में फल या अनाज से करें।

फरवरी 2026 की ये एकादशियां भक्तों के लिए आशीर्वाद का अवसर हैं। सही मुहूर्त में व्रत रखकर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें। जय श्री हरि!

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