Ditwah Cyclone Alert IMD ने ‘दितवाह’ तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज़ हवाएं और मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। तटीय इलाकों में भारी बारिश और तटबंधों पर सतर्कता आवश्यक है।
Ditwah Cyclone Alert 100 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाएं और मूसलाधार बारिश का खतरा
चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ बंगाल की खाड़ी में तेजी से विकसित हो रहा है, जहां 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है। IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रेड अलर्ट जारी किया है, जो 29-30 नवंबर को चरम पर पहुंचेगा। इससे समुद्र में ऊंची लहरें और तटबंधों पर दबाव बढ़ेगा।
दितवाह तूफान का परिचय और IMD का रेड अलर्ट

दितवाह तूफान श्रीलंका के तटीय क्षेत्र से बनकर बंगाल की खाड़ी की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 100 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में स्कूल बंद करने सहित सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
दितवाह तूफान के कारण होने वाले प्रभाव
यह तूफान भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण तटीय इलाकों में जलभराव, बाढ़, तथा फसलों के नुकसान की संभावना बढ़ाता है। स्थानीय प्रशासन ने राहत केंद्रों का संचालन शुरू किया है ताकि प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके। इसके अतिरिक्त जनजीवन पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
IMD की चेतावनी और तैयारी के उपाय
भारतीय मौसम विभाग ने सभी संबंधित राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। IMD के निर्देशानुसार लोग तूफान से प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और अफवाहों से बचें। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के तहत जरूरी बचाव कार्यों का संचालन तेज कर दिया है।
दितवाह’ तूफान से प्रभावित राज्यों की स्थिति
तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक में मूसलाधार
बारिश होने की संभावना है। इनमें तमिलनाडु के डेल्टा क्षेत्र और
पुडुचेरी के बीच सबसे ज्यादा खतरा है। इन इलाकों में प्रशासन ने
भारी बारिश और बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
दितवाह तूफान की गति और मार्ग
IMD के मुताबिक दितवाह तूफान 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से
उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसका अधिकतम प्रभाव 29 और
30 नवंबर को देखा जाएगा। बाद में यह तूफान कमजोर होकर बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा।
सुरक्षा और बचाव के लिए क्या करें?
तूफान के दौरान सभी लोग घर के अंदर सुरक्षित रहें, बिजली
और मोबाइल चार्ज रखें, आवश्यक बचाव किट तैयार करें और प्रशासन के
निर्देशों का पालन करें। वाहन चलाने से बचें और निकटतम राहत केंद्र का पता रखें।
दितवाह तूफान और भविष्य की तैयारी
इस प्रकार के चक्रवातों को देखते हुए पूर्व चेतावनी प्रणाली और आपदा
प्रबंधन को और मजबूत करने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन
और जनता को मिलकर सतर्कता और बचाव के लिए बेहतर योजना बनानी होगी
ताकि मानवीय और आर्थिक नुकसान कम किया जा सके।












