कुमार मंगलम बिरला : टेलीकॉम सेक्टर में बड़ी खबर! आदित्या बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला ने ओपन मार्केट से वोडाफोन आइडिया (Vi) के 4.09 करोड़ शेयर खरीद लिए हैं। यह खरीदारी 30 जनवरी से 1 फरवरी के बीच हुई, जिसके बाद कंपनी के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोमवार 9 फरवरी को शेयर करीब 3% ऊपर खुला और सुबह 10 बजे तक 2.97% की बढ़त के साथ 11.45 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। यह खरीदारी प्रमोटर की मजबूत विश्वास की निशानी मानी जा रही है, खासकर जब शेयर हाल के हाई से नीचे ट्रेड कर रहा था।
खरीदारी की पूरी डिटेल्स
कुमार मंगलम बिरला ने दो चरणों में शेयर खरीदे:
- 30 जनवरी: 2.21 करोड़ शेयर, औसत कीमत 10.95 रुपये प्रति शेयर।
- 1 फरवरी: 1.88 करोड़ शेयर, औसत कीमत 11.13 रुपये प्रति शेयर।
कुल मिलाकर यह खरीदारी कंपनी की इक्विटी का लगभग 0.03% है। दिसंबर 2025 तक बिरला की होल्डिंग सिर्फ 0.02% (करीब 1.94 करोड़ शेयर) थी। अब प्रमोटर्स की कुल हिस्सेदारी 25.5% के आसपास है। यह कदम प्रमोटर की तरफ से कंपनी में नई उम्मीद जगाने वाला माना जा रहा है।

शेयर प्राइस पर असर: तेजी का सिलसिला
बिरला की इस खरीदारी की खबर आते ही मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना।
- सोमवार को शेयर 3% ऊपर ओपन हुआ।
- ट्रेडिंग में 2.97% की बढ़ोतरी के साथ 11.45 रुपये पर।
- पिछले 5 दिनों में 5.25% की तेजी।
- पिछले 6 महीनों में शेयर ने 73% से ज्यादा का रिटर्न दिया।
- एक साल में 25% से अधिक की बढ़त।
- हालांकि YTD (साल 2026 की शुरुआत से) में 1.21% नीचे और मासिक गेन सिर्फ 1.78%।
पिछले शुक्रवार को शेयर 0.8% गिरकर 11.15 रुपये पर बंद हुआ था। दिसंबर में AGR ड्यूज रिलीफ के बाद शेयर ने 52-सप्ताह का हाई 12.8 रुपये छुआ था, लेकिन उसके बाद थोड़ी गिरावट आई। बिरला की खरीदारी ने फिर से निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ाया है।
क्यों खरीदे बिरला ने शेयर?
हालांकि कुमार मंगलम बिरला या कंपनी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि यह कदम कंपनी में प्रमोटर की मजबूत विश्वास को दिखाता है। वोडाफोन आइडिया लंबे समय से डेट और कॉम्पिटिशन की चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन हाल के AGR रिलीफ और 5G रोलआउट जैसे कदमों से कंपनी की स्थिति सुधर रही है। शेयर प्राइस में हालिया गिरावट को देखते हुए बिरला ने इसे अच्छा मौका माना और खरीदारी की। यह निवेशकों के लिए पॉजिटिव सिग्नल है कि प्रमोटर खुद कंपनी पर दांव लगा रहे हैं।
वोडाफोन आइडिया का बैकग्राउंड
वोडाफोन आइडिया भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, जो वोडाफोन और आइडिया के मर्जर से बनी। कंपनी के सब्सक्राइबर्स बेस मजबूत है, लेकिन डेट बर्डन और जियो-अर्टेल से कॉम्पिटिशन की वजह से चुनौतियां रही हैं। हाल के सालों में सरकार के रिलीफ पैकेज और स्पेक्ट्रम पेमेंट मोरेटोरियम से कंपनी को राहत मिली है। अब 5G सर्विसेज और टैरिफ हाइक की उम्मीदों से शेयर में लंबी तेजी की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- बिरला जैसे बड़े प्रमोटर की खरीदारी अक्सर शेयर में बुलिश सेंटिमेंट लाती है।
- यह संकेत देता है कि कंपनी का फ्यूचर ब्राइट हो सकता है। हालांकि स्टॉक मार्केट में रिस्क हमेशा रहता है
- यह जानकारी सिर्फ परफॉर्मेंस ट्रैकिंग के लिए है, निवेश सलाह नहीं।
- अगर आप Vi शेयर में इंटरेस्टेड हैं तो अपनी रिसर्च करें और एक्सपर्ट से सलाह लें।
प्रमोटर कॉन्फिडेंस से नई उम्मीद
कुमार मंगलम बिरला की यह खरीदारी वोडाफोन आइडिया के लिए पॉजिटिव संकेत है। शेयर में आई तेजी निवेशकों का उत्साह दिखाती है। टेलीकॉम सेक्टर में बदलाव के इस दौर में Vi की वापसी की कहानी और रोचक हो सकती है।










