फाल्गुन मास 2026 : 2 फरवरी 2026 से फाल्गुन मास की शुरुआत हो गई है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का अंतिम महीना है, जो वसंत ऋतु का आगमन, आध्यात्मिक शुद्धि और नए संकल्पों का प्रतीक माना जाता है। फाल्गुन में भगवान शिव, श्रीकृष्ण और चंद्रदेव की आराधना का विशेष महत्व है। इसी महीने महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्व आते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि फाल्गुन में जप, तप, दान और सात्विक जीवन से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है, ग्रह दोष कम होते हैं और धन-समृद्धि, सुख-शांति तथा भाग्य का साथ मिलता है। आज से शुरू हो रहे इस शुभ मास में कुछ सरल उपाय अपनाकर आप अपनी किस्मत चमका सकते हैं और जीवन में अपार धन-धान्य प्राप्त कर सकते हैं।
फाल्गुन मास का महत्व और ज्योतिषीय महत्व
#फाल्गुन मास भगवान शिव और श्रीकृष्ण को समर्पित है। इस महीने शिव-पार्वती का मिलन और होलिका दहन की कथा जुड़ी है। ग्रहों की स्थिति ऐसी रहती है कि साधना और दान का फल तुरंत मिलता है। यह समय पुरानी नकारात्मकता को जलाने और नए जीवन की शुरुआत का है। फाल्गुन में किया गया दान गरीबों, ब्राह्मणों, मंदिरों या आश्रमों में विशेष फलदायी होता है। इससे नकारात्मक कर्म नष्ट होते हैं, सकारात्मक कर्म बढ़ते हैं और जीवन में स्थिरता आती है।

फाल्गुन 2026 की प्रमुख तिथियां:
- शुरुआत: 2 फरवरी 2026 (सोमवार)
- होलाष्टक: 24 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक
- होलिका दहन: 2 मार्च 2026
- महीना समाप्ति: 3 मार्च 2026
धन, समृद्धि, पैसा और खुशी बढ़ाने के शुभ उपाय
फाल्गुन मास में ये सरल उपाय अपनाएं, किस्मत चमकेगी और भाग्य का साथ मिलेगा:
- रोजाना शिव अभिषेक: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
- इससे कष्ट दूर होते हैं और धन का प्रवाह बढ़ता है।
- मंत्र जप: ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का रोज कम से कम 108 बार जप करें।
- रोग, कर्ज और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
- श्रीकृष्ण आराधना: ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
- इससे मानसिक शांति, परिवार में सुख और धन लाभ मिलता है।
- तुलसी पूजा और गंगाजल: घर में तुलसी की पूजा करें और गंगाजल का छिड़काव करें। वातावरण शुद्ध रहता है और लक्ष्मी कृपा प्राप्त होती है।
- दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, धन, फल या मदद करें। गरीबों और ब्राह्मणों को दान से धन-धान्य बढ़ता है और अप्रत्याशित लाभ मिलता है।
- होलाष्टक और होलिका दहन: होलाष्टक में भक्ति बढ़ाएं। होलिका दहन पर पुरानी नकारात्मकता जलाकर नए संकल्प लें।
- सात्विक जीवन: तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज) से दूर रहें। संयम और धैर्य रखें।
फाल्गुन में क्या न करें – बचें इन गलतियों से
- होलाष्टक में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या मांगलिक कार्य न करें।
- क्रोध, ईर्ष्या या नकारात्मक सोच से दूर रहें।
- नई बहू को ससुराल में पहली होली नहीं देखनी चाहिए।
- अनावश्यक खर्च या जमीन-जायदाद का सौदा टालें।
#फाल्गुन मास हमें सिखाता है कि शुद्धता, दान और भक्ति से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इन उपायों को नियमित अपनाकर आप धन, भाग्य और खुशियों को आमंत्रित कर सकते हैं। इस शुभ मास का लाभ उठाएं और जीवन को नई दिशा दें। जय शिव-शंकर! जय श्रीकृष्ण!












