स्वास्थ्य मंत्रालय : देश में दवाओं की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दिसंबर 2025 की मासिक रिपोर्ट में कुल 167 दवाओं के सैंपल को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) घोषित किया है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 21-22 जनवरी 2026 को जारी की, जिसके बाद लोग अपनी घरेलू दवाओं की जांच करने लगे हैं। CDSCO की वेबसाइट पर यह पूरी सूची उपलब्ध है, जहां आम लोग और फार्मासिस्ट चेक कर सकते हैं कि कौन सी दवाएं खराब पाई गईं।
CDSCO की रिपोर्ट में क्या सामने आया?
CDSCO और राज्य स्तर की ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरीज ने दिसंबर 2025 में देशभर से दवाओं के नमूने एकत्र किए। जांच में:
- केंद्रीय ड्रग्स लैबोरेटरीज ने 74 सैंपल NSQ पाए।
- राज्य ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरीज ने 93 सैंपल खराब बताए। कुल मिलाकर 167 दवाओं के बैच गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, 7 दवाएं पूरी तरह नकली (Spurious) पाई गईं, जो किसी कंपनी के नाम से छद्म रूप से बनाई गई थीं।
फेल होने के मुख्य कारण:

- शुद्धता (Purity), ताकत (Potency), घुलनशीलता (Dissolution) जैसे पैरामीटर्स में कमी।
- अनधिकृत संस्थाओं द्वारा दवाएं बनाना।
- अन्य ब्रांड्स का नाम गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल।
- नकली पैकेजिंग और फॉर्मूलेशन।
यह रूटीन सर्विलांस का हिस्सा है, जिसमें हर महीने दवाओं की जांच होती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फेल बैच सरकारी टेस्टिंग के थे, इसलिए बाजार में उपलब्ध अन्य दवाओं पर तुरंत चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन सतर्कता बरतनी चाहिए।
प्रभावित क्षेत्र और उदाहरण
- रिपोर्ट में उत्तर भारत के गाजियाबाद को नकली दवाओं का हब बताया गया है
- जहां कई सैंपल फेल हुए। अहमदाबाद, बिहार, महाराष्ट्र जैसे राज्यों से भी खराब नमूने मिले।
- हालांकि, विशिष्ट दवाओं या कंपनियों के नाम सार्वजनिक रूप से नहीं दिए गए हैं
- (CDSCO पोर्टल पर विस्तृत लिस्ट उपलब्ध)। आमतौर पर ऐसी रिपोर्ट में BP
- दर्द निवारक, एलर्जी, एंटीबायोटिक्स जैसी सामान्य दवाएं शामिल होती हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय और CDSCO की कार्रवाई
- फेल दवाओं के बैच को बाजार से वापस लेने (Recall) का आदेश।
- संबंधित कंपनियों के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई।
- राज्य ड्रग कंट्रोलरों को निर्देश कि नकली/सब-स्टैंडर्ड दवाओं पर सख्ती बरतें। CDSCO हर महीने अपनी वेबसाइट पर NSQ और Spurious Drugs की अलग-अलग लिस्ट अपलोड करता है। जनता को सलाह है कि दवा खरीदते समय:
- CDSCO पोर्टल चेक करें।
- केवल लाइसेंस्ड फार्मेसी से खरीदें।
- पैकेजिंग, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट जांचें।
- संदिग्ध दवा मिले तो तुरंत रिपोर्ट करें।
जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश
यह खबर दर्शाती है कि भारत में दवा नियंत्रण मजबूत हो रहा है, लेकिन नकली और सब-स्टैंडर्ड दवाओं की समस्या अभी बनी हुई है। CDSCO की यह मासिक अलर्ट रिपोर्ट दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। अगर आप उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, दर्द या सामान्य बीमारियों की दवा लेते हैं, तो एक बार CDSCO की लेटेस्ट लिस्ट जरूर देख लें।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ऐसी जांच से दवा उद्योग में पारदर्शिता बढ़ रही है और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। लेकिन अंतिम जिम्मेदारी हर नागरिक पर है – जागरूक रहें, सुरक्षित दवा चुनें।
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