रिलायंस जियो आईपीओ : भारत के स्टॉक मार्केट में सबसे बड़ा इवेंट बनने वाला है। 20 जनवरी 2026 को आईपीओ से जुड़ी नई खबर आई है – कंपनी ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए मॉर्गन स्टेनले और गोल्डमैन सैक्स को लीड बैंकर्स नियुक्त किया है। ये दो दिग्गज ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकर्स अब जियो के आईपीओ प्रोसेस को हैंडल करेंगे। साथ ही ग्रे मार्केट में जियो आईपीओ का GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) 93 रुपये पहुंच गया है, जो निवेशकों में भारी उत्साह दिखाता है।
रिलायंस जियो आईपीओ लेटेस्ट अपडेट – 20 जनवरी 2026
#रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 2025 की AGM में घोषणा की थी कि जियो प्लेटफॉर्म्स को 2026 की पहली छमाही (H1 2026) में लिस्ट किया जाएगा, यानी जून 2026 तक। अभी कंपनी फाइनेंस मिनिस्ट्री से क्लियरेंस का इंतजार कर रही है। क्लियरेंस मिलते ही DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस) फाइल किया जाएगा।

- आईपीओ साइज: कंपनी लगभग 2.5% स्टेक बेचकर $4 बिलियन (करीब ₹33,000-₹40,000 करोड़) जुटा सकती है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा, जो Hyundai Motor India के ₹27,858 करोड़ के आईपीओ को पीछे छोड़ देगा।
- वैल्यूएशन: एक्सपर्ट्स का अनुमान $130 बिलियन से $182 बिलियन (कुछ रिपोर्ट्स में $180 बिलियन तक)। Jefferies ने नवंबर 2025 में $180 बिलियन वैल्यूएशन दिया था।
- प्राइस बैंड: एक्सपेक्टेड ₹435 के आसपास (Bigul रिपोर्ट), लेकिन कुछ एनालिस्ट्स ₹1,048 से ₹1,457 तक की रेंज देख रहे हैं (15-20% डिस्काउंट के साथ)।
दो कंपनियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- मॉर्गन स्टेनले और गोल्डमैन सैक्स को प्रस्तावित जियो आईपीओ के लिए लीड बैंकर्स बनाया गया है
- (Economic Times रिपोर्ट)। ये बैंक आईपीओ की स्ट्रक्चरिंग, रोडशो, प्राइसिंग और
- सब्सक्रिप्शन मैनेज करेंगे। पहले Kotak भी शामिल था, लेकिन अब ये दो ग्लोबल जायंट्स मुख्य भूमिका में हैं।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) – 93 रुपये
- Bigul की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रे मार्केट में जियो आईपीओ 93 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
- मतलब अगर प्राइस बैंड ₹435 है तो लिस्टिंग पर ₹528 (435 + 93) के आसपास ओपनिंग हो सकती है।
- GMP अनऑफिशियल है, लेकिन यह मार्केट सेंटिमेंट और रिटेल इंटरेस्ट दिखाता है।
- अभी DRHP फाइल नहीं हुआ, फिर भी GMP इतना हाई होना पॉजिटिव सिग्नल है।
आईपीओ स्ट्रक्चर और निवेशक
- प्राइमरी + सेकंडरी: नया शेयर जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशक (KKR, TPG, Silver Lake, Vista) अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
- Google (7.75%) और Meta (9.99%) शायद होल्डिंग बनाए रखें।
- Intel (0.7%) बेच सकता है।
- 2020 में जियो ने 13 ग्लोबल निवेशकों से ₹1.5 लाख करोड़ जुटाए थे (33% स्टेक बेचकर)।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
- यह आईपीओ भारत की टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर की ताकत दिखाएगा।
- जियो के 50 करोड़+ यूजर्स, 5G रोलआउट और डिजिटल सर्विसेज से मजबूत ग्रोथ है।
- लेकिन रेगुलेटरी अप्रूवल, मार्केट कंडीशंस और फाइनल प्राइसिंग पर सब निर्भर करेगा।
एक्सपर्ट्स कहते हैं – अगर सब स्मूथ रहा तो यह भारत का सबसे बड़ा और सबसे सफल आईपीओ साबित हो सकता है। अभी ग्रे मार्केट में उत्साह है, लेकिन ऑफिशियल डिटेल्स का इंतजार करें। निवेश से पहले रिसर्च और एडवाइजर से सलाह लें!












