टीसीएस Q3 FY26 : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी है, जो हाल ही में अपने Q3 FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 11,151 कर्मचारियों की कमी दर्ज की है, जिससे कुल कर्मचारी संख्या घटकर 5,82,163 रह गई है। यह लगातार दूसरी तिमाही है जिसमें वर्कफोर्स में कमी आई है। पिछले तिमाही (Q2 FY26) में भी कंपनी ने लगभग 19,755 कर्मचारियों की कमी दिखाई थी। कुल मिलाकर FY26 की शुरुआत से अब तक कंपनी ने करीब 30,000+ कर्मचारियों की संख्या कम की है।
टीसीएस Q3 FY26 कर्मचारियों की संख्या में कमी के मुख्य कारण
#टीसीएस ने जुलाई 2025 में रिस्ट्रक्चरिंग एक्सरसाइज की घोषणा की थी, जिसमें लगभग 12,000 कर्मचारियों (करीब 2% वर्कफोर्स) को प्रभावित करने की बात कही गई थी। यह रिस्ट्रक्चरिंग मुख्य रूप से मिड और सीनियर लेवल पर हो रही है। कंपनी का फोकस AI-फर्स्ट अप्रोच पर है, जिसमें पुराने रोल्स को ऑप्टिमाइज कर नए स्किल्स वाले टैलेंट पर जोर दिया जा रहा है।

- वॉलंटरी अट्रिशन: लास्ट 12 महीनों का वॉलंटरी अट्रिशन रेट 13.5% रहा, जो पिछले तिमाही के 13.3% से थोड़ा ज्यादा है।
- रिस्ट्रक्चरिंग खर्च: इस तिमाही में रिस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट घटकर 253 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछली तिमाही से 77% कम है।
- कंपनी ने कहा है कि यह बदलाव रोल रीअलाइनमेंट और ऑर्गनाइजेशनल चेंजेस का हिस्सा है।
AI पर फोकस और फ्रेशर हायरिंग में बढ़ोतरी
- कर्मचारियों की कुल संख्या घटने के बावजूद टीसीएस AI स्किल्ड वर्कफोर्स को तेजी से बढ़ा रही है।
- इस तिमाही में 2,17,000+ एसोसिएट्स के पास एडवांस्ड AI स्किल्स हैं।
- कंपनी ने फ्रेश ग्रेजुएट्स की हायरिंग दोगुनी कर दी है, ताकि हाई-ऑर्डर स्किल्स वाले नए टैलेंट को शामिल किया जा सके।
- CEO के. कृतिवासन ने कहा कि कंपनी AI-लेड सर्विसेज में तेजी से आगे बढ़ रही है।
- AI सर्विसेज का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू $1.8 बिलियन पहुंच गया है, जो क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर 17.3% बढ़ा है।
Q3 FY26 के अन्य प्रमुख नतीजे
- रेवेन्यू: ₹67,087 करोड़ (QoQ 2% बढ़ोतरी, CC में 0.8%)
- नेट प्रॉफिट: ₹10,657 करोड़ (YoY 13.92% कम), लेकिन नई लेबर कोड के एकमुश्त प्रभाव
- (₹2,128 करोड़) को हटाकर प्रॉफिट ₹13,438 करोड़ होता।
- ऑपरेटिंग मार्जिन: 25.2% (स्थिर)
- डिविडेंड: ₹57 प्रति शेयर (जिसमें स्पेशल डिविडेंड शामिल)
इंडस्ट्री पर असर और भविष्य
आईटी सेक्टर में स्लो डिमांड, क्लाइंट साइड कट्स और AI ट्रांसफॉर्मेशन के कारण कई कंपनियां वर्कफोर्स ऑप्टिमाइजेशन कर रही हैं। टीसीएस का यह कदम AI-ट्रांसफॉर्मेशन की तैयारी दिखाता है। कंपनी का TCV (टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू) $9.3 बिलियन रहा, जो मजबूत डील पाइपलाइन दर्शाता है।
टीसीएस का वर्कफोर्स डिक्लाइन रिस्ट्रक्चरिंग और AI शिफ्ट का हिस्सा है। कुल कर्मचारी संख्या घट रही है, लेकिन कंपनी नए स्किल्स और फ्रेश टैलेंट पर फोकस कर रही है। यह आईटी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है कि भविष्य AI, क्लाउड और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर आधारित होगा। अगर आप आईटी सेक्टर में करियर प्लान कर रहे हैं, तो AI और हाई-ऑर्डर स्किल्स पर ध्यान दें।












