West Africa Military Coup : पश्चिम अफ्रीका के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण देश बेनिन में 7 दिसंबर 2025 को उस वक्त सनसनी फैल गई जब कुछ सैनिकों ने राष्ट्रपति पैट्रिस तालों को हटाने की कोशिश की। सुबह-सुबह कोटोनू शहर में गोलियों की आवाजें गूंजीं और विद्रोही सैनिकों ने सरकारी टीवी स्टेशन पर कब्जा कर लिया। लेकिन महज कुछ घंटों में ही बेनिन की सेना और सुरक्षा बलों ने इस तख्तापलट की साजिश (Benin Coup Attempt 2025) को पूरी तरह कुचल दिया। राष्ट्रपति तालों की सत्ता पूरी तरह सुरक्षित है और देश में अब सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
विद्रोह कैसे शुरू हुआ?
7 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे कुछ सैनिक कोटोनू स्थित सरकारी टीवी चैनल ORTB के मुख्यालय में घुस गए। खुद को “मिलिट्री कमिटी फॉर रिफाउंडेशन” (CMR) बताते हुए इन सैनिकों ने लाइव प्रसारण किया। एक लेफ्टिनेंट कर्नल ने कैमरे के सामने घोषणा की:

- श्री पैट्रिस तालों को बेनिन गणराज्य के राष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।”
- उसके साथ 8 हथियारबंद सैनिक खड़े थे। इन लोगों ने देश में बढ़ते आतंकवाद, उत्तरी बेनिन में सुरक्षा की बदतर स्थिति
- शहीद सैनिकों के परिवारों की उपेक्षा और “अनुचित पदोन्नति” जैसे मुद्दों को अपना बहाना बनाया।
- विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन, सरकारी टीवी स्टेशन और कोटोनू के पॉश सोफिटेल होटल के आसपास कुछ इलाकों में
- कब्जा करने की कोशिश की। शहर में कुछ जगहों पर गोलीबारी हुई और विदेशी दूतावासों वाले क्षेत्रों को सील कर दिया गया।
सरकार का त्वरित और कड़ा जवाब
- लेकिन यह विद्रोह ज्यादा देर नहीं चल सका। दोपहर तक ही बेनिन की सेना ने विद्रोहियों को घेर लिया।
- सरकारी बलों ने टीवी स्टेशन पर दोबारा कब्जा कर लिया और विद्रोह के मुख्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
- कुछ घंटों के अंदर ही कोटोनू हवाई अड्डा, बाजार और आम जिंदगी फिर से सामान्य हो गई।
बेनिन के सूचना मंत्री ने आधिकारिक बयान में कहा: “राष्ट्रपति महामहिम पैट्रिस तालों पूरी तरह सुरक्षित हैं। कुछ असंतुष्ट सैनिकों की यह नाकाम कोशिश देश की एकता और लोकतंत्र पर कोई असर नहीं डाल सकेगी।”
बेनिन में तख्तापलट की कोशिश क्यों हुई?
हाल के सालों में बेनिन की सेना में असंतोष बढ़ रहा है। कारण हैं:
- उत्तरी बेनिन में जिहादी हमले तेज हो गए हैं
- सैनिकों को पर्याप्त सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा
- पदोन्नति में भाई-भतीजावाद के आरोप
- सैन्य बजट में कटौती की अफवाहें
- पड़ोसी देशों जैसे बुर्किना फासो, माली, नाइजर और गिनी में पिछले 5 सालों में कई सफल सैन्य तख्तापलट हो चुके हैं।
- इन घटनाओं से प्रेरित होकर बेनिन के कुछ सैनिकों ने भी ऐसी कोशिश की, लेकिन वे बुरी तरह नाकाम रहे।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया!
- ECOWAS (पश्चिम अफ्रीकी देशों का संगठन) ने इस नाकाम कोशिश की निंदा की है
- फ्रांस ने बेनिन सरकार के साथ पूर्ण एकजुटता जताई है
- नाइजीरिया और टोगो ने अपनी सीमाएं हाई अलर्ट पर डाल दी हैं
- बेनिन में 7 दिसंबर 2025 का यह तख्तापलट का प्रयास (Benin Failed Coup 2025) कुछ ही घंटों में खत्म हो गया।
- यह घटना बताती है कि पश्चिम अफ्रीका में लोकतंत्र अभी भी खतरे में है, लेकिन मजबूत संस्थानों और त्वरित
- कार्रवाई से ऐसे विद्रोह को कुचला जा सकता है। राष्ट्रपति तालों की सरकार
- अभी पूरी तरह काबू में है और देश सामान्य जीवन की ओर लौट चुका है।












