Goa Ram Statue 77 Feet

Goa Ram Statue 77 Feet गोवा ने एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सखाली (Sakhali) में 77 फीट ऊंची भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा न सिर्फ अपने आकार और सौंदर्य के कारण खास है, बल्कि इसकी इंजीनियरिंग और डिज़ाइन का सीधा संबंध दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा – स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – से भी जुड़ा हुआ है।

Goa Ram Statue 77 Feet गोवा की 77 फीट राम प्रतिमा: क्या है खास?

Goa Ram Statue 77 Feet
#Goa Ram Statue 77 Feet
  • प्रतिमा की ऊंचाई 77 फीट है, जिसे विशेष धातुओं और फाइबर तकनीक से तैयार किया गया है।
  • श्रीराम को शांत, दृढ़ और मर्यादा की प्रतीक मुद्रा में दिखाया गया है।
  • प्रतिमा को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह मौसम के प्रभावों—बारिश, समुद्री हवाओं और नमी—का लंबे समय तक सामना कर सके।
  • परिसर में ‘रामायण’ पर आधारित कई कलात्मक तत्व शामिल किए गए हैं।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से खास रिश्ता क्या है?

भारत के गुजरात में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर) दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है।

गोवा में बनी श्रीराम प्रतिमा का इससे गहरा संबंध है क्योंकि—

  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर काम करने वाली मुख्य इंजीनियरिंग टीम ने ही इस राम प्रतिमा के निर्माण में तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
  • वही आधुनिक फाइबर-रिइनफोर्स्ड मटीरियल, कोटिंग टेक्नोलॉजी और संरचनात्मक तकनीक यहाँ भी उपयोग की गई है।
  • प्रतिमा के स्टैबिलिटी मॉडल और विंड टॉलरेंस डिजाइन भी उसी वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित हैं।
  • यह तकनीक प्रतिमा को दशकों तक मजबूत और सुरक्षित बनाए रखेगी।

यही कारण है कि गोवा की यह प्रतिमा सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग और कला का उत्कृष्ट संगम है।

अनावरण समारोह: PM मोदी ने क्या कहा?

अनावरण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भगवान राम का आदर्श भारत के भविष्य का मार्गदर्शन करेगा। अपने संबोधन में उन्होंने यह बातें कहीं—

  • “राम सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, एक विश्वास हैं।”
  • उन्होंने गोवा की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सद्भावना की प्रशंसा की।
  • पीएम ने बताया कि यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों, स्थानीय लोगों, संतों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

प्रतिमा की कलाकारी और स्थापत्य कला

  • भगवान राम को धनुष के साथ शांत मुद्रा में दर्शाया गया है, जो धैर्य और साहस का प्रतीक है।
  • पूरे परिसर के डिज़ाइन में कमल और आयुध जैसे पौराणिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है।
  • मूर्ति की पॉलिशिंग में विशेष कलर प्रिज़र्वेशन तकनीक का उपयोग किया गया है ताकि सालों तक इसका रंग और चमक बनी रहे।

गोवा पर इसका प्रभाव

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

गोवा अब सिर्फ बीच और पार्टी लाइफस्टाइल के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन के लिए भी जाना जाएगा।

स्थानीय रोजगार के नए अवसर

परिसर से जुड़े होटल, दुकानें और यात्रा सुविधाएं अधिक रोजगार उत्पन्न करेंगी।

सांस्कृतिक पहचान होगी मजबूत

यह प्रतिमा गोवा की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपरा को विश्व स्तर पर एक नई पहचान देगी।

गोवा में आध्यात्मिकता और तकनीक का अनोखा संगम

गोवा की 77 फीट ऊंची राम प्रतिमा भारत की सांस्कृतिक समृद्धि, कला और आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक है।
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से इसका तकनीकी रिश्ता इसे और भी खास बनाता है। यह प्रतिमा आने वाले वर्षों में न सिर्फ गोवा बल्कि पूरे देश का गौरव बनेगी।